
नर्मदापुरम / इटारसी / मुस्लिम समुदाय ने एसडीएम को राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन दिया जिसमें उल्लेख किया कि हम इटारसी क्षेत्र के नागरिकगण आपके संज्ञान में एक अत्यंत गंभीर विषय लाना चाहते हैं।
सोशल मीडिया पर प्रसारित विभिन्न वीडियो एवं वक्तव्यों के माध्यम से यह आरोप सामने आए हैं कि पश्चिम बंगाल के राजारहाट निवासी नाज़िया इलाही खान द्वारा समय-समय पर इस्लाम धर्म, हज़रत पैगम्बर मोहम्मद साहब तथा उनकी धर्मपत्री हज़रत आयशा के संबंध में अत्यंत आपत्तिजनक, अशोभनीय एवं धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाली टिप्पणियों की गई हैं। इसके अतिरिक्त, हाल ही में उनके एक कथित वक्तव्य में यह भी कहा गया कि यदि वे मुख्यमंत्री बनती हैं तो सभी मस्जिदों एवं दरगाहों को तुड़वा देंगी। उक्त प्रकार के कथित वक्तव्य करोड़ों भारतीय मुसलमानों की धार्मिक भावनाओं को गहराई से आहत करते हैं। मुसलमान अपने पैगम्बर हज़रत मोहम्मद से अपने माता-पिता, परिवार एवं संसार की प्रत्येक वस्तु से बढ़कर प्रेम एवं सम्मान रखते हैं। ऐसे में इस प्रकार की कथित टिप्पणियाँ समाज में वैमनस्य, तनाव एवं धार्मिक उन्माद उत्पन्न करने का कारण बन सकती हैं तथा देश की शांति, सामाजिक सद्भाव एवं सांप्रदायिक सौहार्द पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती हैं। इस संपूर्ण प्रकरण की निष्पक्ष एवं गहन जांच कराई जाए। यदि जांच में उक्त आरोप सत्य पाए जाते हैं, तो संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध भारतीय विधि के अनुसार कठोर एवं प्रभावी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति किसी भी धर्म, धर्मगुरु अथवा धार्मिक आस्था के विरुद्ध अमर्यादित एवं भड़काऊ वक्तव्य देने का साहस न कर सके। हम सभी भारत के संविधान, विधि के शासन तथा देश की गंगा-जमुनी तहज़ीब, आपसी भाईचारे एवं सामाजिक सौहार्द में पूर्ण विश्वास रखते हैं। हमारा उद्देश्य केवल कानून के माध्यम से न्याय की मांग करना तथा देश में शांति, पारस्परिक सम्मान एवं भाईचारा बनाए रखना है। अतः इस विषय को गंभीरता से संज्ञान में लेते हुए आवश्यक जांच एवं विधिसम्मत कठोर कार्रवाई करने की कृपा करें।is अवसर पर आरिफ खान चिश्ती, फिरोज खान चिश्ती, अयूब खान, गुलाम अली ईरानी, डॉ. अरशद खान, फारुख भाई, इरफान भाई, जावेद भाई, शरीफ भाई, ताहिर खान चिश्ती व तमाम मुस्लिम समाज के लोग मौज़ूद रहे।

