
नर्मदापुरम / शासन के निर्देशानुसार विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन-ग्रामीण (VB-G-RAMG) का जिला स्तरीय कार्यक्रम गुरुवार को केसला स्थित मंगल भवन में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री के विकसित भारत @2047 के संकल्प को साकार करने के उद्देश्य से 1 जुलाई 2026 से संशोधित स्वरूप में लागू किए गए विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन-ग्रामीण की जानकारी जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों को दी गई।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में राज्यसभा सांसद श्रीमती माया नारोलिया, लोकसभा सांसद दर्शन सिंह चौधरी, विधायक प्रेमशंकर वर्मा, जनपद पंचायत अध्यक्ष गंगाराम कलमें उपस्थित रहे। इस अवसर पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत हिमांशु जैन, एसडीएम इटारसी नीलेश शर्मा, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत केसला श्रीमती सुमन खातरकर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन मौजूद रहे।
लोकसभा सांसद दर्शन सिंह चौधरी ने कहा कि नई व्यवस्था के तहत श्रमिकों को प्रतिदिन 300 रुपये की मजदूरी प्रदान की जाएगी तथा 15 दिनों के भीतर मजदूरी का भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि श्रमिकों को उनके गांव से पांच किलोमीटर की परिधि के भीतर ही कार्य उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह योजना श्रमिकों के आर्थिक एवं सामाजिक सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगी। उन्होंने जानकारी दी कि मनरेगा जॉब कार्डधारी श्रमिकों का ई-केवाईसी पूर्ण किया जा चुका है। जिन ग्रामीण परिवारों के पास जॉब कार्ड नहीं है, वे अपने परिवार के वयस्क सदस्यों का नाम, आयु एवं पते का विवरण संबंधित ग्राम पंचायत में प्रस्तुत कर ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्ड के लिए पंजीयन करा सकते हैं।
राज्यसभा सांसद श्रीमती माया नारोलिया ने कहा कि महात्मा गांधी नरेगा के अंतर्गत स्वीकृत एवं प्रगतिरत कार्य विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन-ग्रामीण के प्रावधानों के अनुरूप जारी रहेंगे तथा उन्हें प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण किया जाएगा, ताकि सार्वजनिक परिसंपत्तियां अधूरी न रहें और ग्रामीण समुदाय को उनका पूरा लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि यह अधिनियम ग्रामीण परिवारों को 125 दिनों के कुशल मजदूरी रोजगार की गारंटी प्रदान कर ग्रामीण विकास को नई गति देगा।
अधिनियम की जानकारी देते हुए मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत हिमांशु जैन ने बताया कि विकसित भारत जी-राम-जी अधिनियम, 2025 ग्रामीण रोजगार एवं विकास से संबंधित महत्वपूर्ण कानून है, जिसका उद्देश्य विकसित भारत-2047 की परिकल्पना के अनुरूप ग्रामीण क्षेत्रों का समग्र विकास सुनिश्चित करना है। उन्होंने बताया कि योजना के अंतर्गत प्रत्येक पात्र जॉब कार्डधारी ग्रामीण परिवार को 125 दिनों के कुशल मजदूरी रोजगार की वैधानिक गारंटी प्रदान की गई है। साथ ही जल सुरक्षा, जलवायु अनुकूल विकास, आजीविका आधारित अधोसंरचना निर्माण, जनभागीदारी, पारदर्शिता एवं सामाजिक अंकेक्षण पर विशेष बल दिया गया है। उन्होंने बताया कि योजना के क्रियान्वयन में 60 प्रतिशत वित्तीय भागीदारी केंद्र शासन एवं 40 प्रतिशत राज्य शासन की रहेगी तथा जिला स्तर पर श्रम एवं सामग्री का अनुपात 60:40 बनाए रखा जाएगा।

