
इटारसी / इटारसी में अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग व युवाओं के अब रोजगार व्यवसाय में बराबरी की हिस्सेदारी मांगी है। गुरुवार को दलित इंडियन चैम्बर्स ऑफ़ कॉमर्स कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज (डिक्की) संगठन जिला उद्यमियों के प्रतिनिधिमंडल जिसमें युवा व्यवसाई डीसी खडोतिया डिस्ट्रिक्ट कोऑर्डिनेटर डिक्की नर्मदापुरम तथा डिक्की टीम सदस्य रेडीमेड कपड़ा व्यवसायई नेताजी ट्रेडर्स के संचालक दशरथ चौधरी, शुभम टिकारिया, पार्षद राहुल प्रधान, सचिन मेहरा इत्यादि ने मुख्य नगरपालिका अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर नगर के सभी निर्माणाधीन और भविष्य के कॉम्प्लेक्स में SC-ST वर्ग के लिए दुकानें आरक्षित करने की मांग उठाई।
ज्ञापन में 4 बड़ी मांगें…..
1. आरक्षण का फॉर्मूला: अटल कॉम्प्लेक्स, मटन मार्केट, पुराना बस स्टैंड सब्जी मंडी, आजाद नगर EWS मल्टी और भविष्य के सभी शॉपिंग कॉम्प्लेक्स-हॉकर्स कॉर्नर में आबादी के अनुपात में दुकानें एस.सी.एस.टी. वर्ग के लिए आरक्षित की जाएं।
2. किस्तों में भुगतान: दुकानों का मूल्य/भाड़ा एकमुश्त न लेकर आसान किस्तों में वसूला जाए, ताकि गरीब युवा भी मालिक बन सकें।
3. रोस्टर का पालन:नगरपालिका की सभी दुकान, गुमटी, भूखंड आवंटन निविदाओं में एस.सी.एस.टी.आरक्षण रोस्टर का सख्ती से पालन हो।
4. एस.सी.एस.टी.महिलाओं के लिए नगरपालिका स्तर पर कौशल प्रशिक्षण केंद्र शुरू किए जाएं।नए हॉकर्स जोन चिन्हित कर छोटे कारोबार की अनुमति दी जाए।
क्यों उठी मांग…..
ज्ञापन में कहा गया कि “एस.सी.एस.टी.युवाओं को व्यापार और रोजगार में सामान्य हिस्सेदारी नहीं मिल रही। सरकारी कॉम्प्लेक्स बनते हैं पर अनुपात जनसंख्या के हिसाब से आरक्षण नहीं मिलता है, हमारे युवा बेरोजगार घूमते हैं। आरक्षण सिर्फ नौकरी में नहीं, दुकानदारी में भी चाहिए।” जिससे अनुसूचित जाति/ जनजाति के युवा उद्यमियों को व्यापार और व्यवसाय में समान प्रतिनिधित्व मिल सके।
प्रशासन का रुख: सीएमओ ने ज्ञापन लेकर नियमानुसार परीक्षण का आश्वासन दिया है।दलित संगठनों ने चेताया कि मांग पूरी न होने पर चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा।
क्या है डिक्की मॉडल ?….
ज्ञापन में ‘डिक्की’का जिक्र है। डिक्की यानी (दलित इंडियन चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री) जो एससी एसटी के उद्यमिता विकास को बढ़ावा देता है। संगठन ने नए हॉकर्स जोन के सर्वे में डिक्की से मदद लेने का सुझाव दिया है।

