


नर्मदापुरम / अखिल भारतीय कायस्थ समाज ने चित्रगुप्त घाट पर रविवार को वृहद स्वच्छता अभियान चलाया। मां नर्मदा को स्वच्छ, सुंदर और प्रदूषण मुक्त बनाए रखने के संकल्प के साथ रविवार को स्थानीय चित्रगुप्त घाट पर अखिल भारतीय कायस्थ समाज मातृशक्ति द्वारा एक विशेष स्वच्छता अभियान चलाया गया। समाज की मातृशक्ति ने न केवल घाट की व्यवस्था सुधारी, बल्कि समाज को स्वच्छता का एक बड़ा संदेश भी दिया। इस अभियान में मुख्य रूप से जिला अध्यक्ष राजेन्द्र श्रीवास्तव, नगर पालिका उपाध्यक्ष अभय वर्मा, सी बी खरे, केशव देव वर्मा, सुनील राय, मनोज वर्मा, विजय वर्मा, लालता प्रसाद एवं मातृशक्ति से जिला अध्यक्ष ज्योति वर्मा, प्रीति खरे, सुमन वर्मा, मंजू श्रीवास्तव, रितु श्रीवास्तव, जानकी, रश्मि वर्मा और अदीति वर्मा उपस्थित रहीं।
मातृशक्ति द्वारा श्रमदान कर चमकाया घाट…..
अभियान के दौरान मातृशक्ति ने घाट पर फैले कचरे को साफ किया, फर्श पर झाड़ू लगाई और घाट के किनारे जमी हुई फिसलन भरी काई को पूरी तरह साफ किया। एकत्र किए गए समस्त कचरे को घाट पर ही बने डस्टबिन में एकत्रित कर नष्ट करने हेतु भेजा गया। इस दौरान श्रद्धालुओं से विशेष अपील की गई कि पूजन सामग्री नदी में न विसर्जित करें इस पुनीत अवसर पर अखिल भारतीय कायस्थ समाज के जिला अध्यक्ष राजेंद्र श्रीवास्तव ने मातृशक्ति के इस प्रयास को अनुकरणीय और प्रेरणादायक बताते हुए कहा “मां नर्मदा हम सबकी जीवनदायिनी हैं। घाट पर बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं से हमारी विनम्र अपील है कि वे नदी में फूल-माला, प्लास्टिक या अन्य पूजन सामग्री न डालें। मां नर्मदा को प्रदूषित होने से बचाना हम सबकी जिम्मेदारी है। इस अभियान से समाज के हर वर्ग को आगे आकर जुड़ना चाहिए।
“दर्शन मात्र से पूर्ण होते हैं सब कार्य”…..
कार्यक्रम में उपस्थित केशव वर्मा ने भी जनमानस से घाट को स्वच्छ बनाए रखने का आग्रह करते हुए कहा कि जीवनदायिनी की महिमा मां नर्मदा के दर्शन मात्र से ही मनुष्य के सभी कष्ट दूर होते हैं और हर काम पूर्ण हो जाता है। हमारा सामूहिक कर्तव्य ऐसी पावन नदी की पवित्रता को अक्षुण्ण बनाए रखना हम सबका नैतिक और सामाजिक कर्तव्य है।
लगातार जारी रहेगा जागरूकता अभियान…..
अखिल भारतीय कायस्थ समाज द्वारा चित्रगुप्त घाट पर यह स्वच्छता अभियान निरंतर चलाया जा रहा है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य घाटों पर उच्च स्तर की साफ-सफाई बनाए रखना और बाहर से आने वाले तीर्थयात्रियों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करना है ताकि हमारी आस्था के केंद्र सदैव स्वच्छ और सुंदर बने रहें।

