

नर्मदापुरम / नर्मदापुर युवा मंडल द्वारा प्रत्येक रविवार नेहरू पार्क में आयोजित होने वाला लोकप्रिय संगीत कार्यक्रम ‘सुरीला नर्मदापुरम’ लगातार 53 सप्ताह पूरे कर चुका है। इस विशेष अवसर पर रविवार की संध्या को कार्यक्रम ‘आरडी बर्मन जन्मदिन स्पेशल’ के रूप में आयोजित किया गया। जिसमें शहर के गायक कलाकारों ने हिंदी फिल्म संगीत के महान संगीतकार पंचम दा (आरडी बर्मन) के सदाबहार गीतों की शानदार प्रस्तुतियां देकर श्रोताओं को सुनहरे दौर की यादों में डुबो दिया। नेहरू पार्क में आयोजित इस संगीतमय शाम की शुरुआत नर्मदापुर युवा मंडल अध्यक्ष अखिलेश खंडेलवाल, संगीत गुरु कमल झा ने मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन व माल्यार्पण के साथ हुई। इस दौरान कार्यक्रम में बड़ी संख्या में संगीत प्रेमी मौजूद रहे। कलाकारों ने पंचम दा के एक से बढ़कर एक लोकप्रिय गीतों को अपनी मधुर आवाज़ में प्रस्तुत कर माहौल को सुरमय बना दिया। दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ कलाकारों का उत्साहवर्धन किया और कई गीतों में उनके साथ गुनगुनाते भी नजर आए। कार्यक्रम में पंचम दा के कई कालजयी गीतों की झलक देखने को मिली। गायक कलाकारों ने “चिंगारी कोई भड़के, तो सावन उसे बुझाए…”सावन जो अगन लगाए, उसे कौन बुझाए… की प्रस्तुति दी, तो पूरा वातावरण भावनाओं से सराबोर हो गया।
वहीं “ओ मेरे दिल के चैन, चैन आए मेरे दिल को दुआ कीजिए…” “आपका अरमाँ, आपका नाम, मेरा तराना और नहीं…” की मधुर धुनों ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम से जुड़े मनीष परदेशी ने बताया कि नर्मदापुर युवा मंडल का यह अनूठा आयोजन पिछले एक वर्ष से लगातार हर रविवार आयोजित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य स्थानीय गायकों को मंच उपलब्ध कराना, संगीत संस्कृति को बढ़ावा देना तथा शहरवासियों को स्वस्थ मनोरंजन उपलब्ध कराना है। लगातार 53 वें सप्ताह तक बिना रुके आयोजित होने वाला यह कार्यक्रम अब शहर की सांस्कृतिक पहचान बनता जा रहा है। समापन पर रुपेश राजपूत, सुंदरम अग्रवाल, कमल चव्हाण ने गायक कलाकारों का स्वागत किया। कार्यक्रम का संचालन अतुल मंडलोई ने किया एवं अंत में सुरीला नर्मदापुरम के हरिश मांझी ने सभी कलाकारों, संगीत प्रेमियों एवं सहयोगियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आने वाले समय में भी इसी तरह विषय आधारित संगीत संध्याओं का आयोजन जारी रहेगा, ताकि नई पीढ़ी भी हिंदी फिल्म संगीत की समृद्ध विरासत से जुड़ सके।

