
नर्मदापुरम / यूनियन बैंक के क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा एक दिवसीय राजभाषा कार्यशाला का आयोजन किया गया। अपने 12 जिलों में स्थित यूनियन बैंकों में राजभाषा कार्यान्वयन को सुदृढ और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से आयोजित इस कार्यशाला में विभिन्न जिलों से आये यूनियन बैंक के स्टाफ द्वारा प्रतिभागिता की गई।
इस अवसर पर कार्यशाला की अध्यक्षता क्षेत्रीय प्रबंधक राजकुमार सेन द्वारा की गई एवं मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथि का दायित्व संजय भावसार, डीजीएम (राभा) एसपीएम एवं अशोक जमनानी, वरिष्ठ साहित्यकार, नर्मदापुरम द्वारा वहन किया गया।
इस अवसर पर कार्यशाला के मुख्य अतिथि वक्त श्री भावसार द्वारा दो सत्रों में दिव्य देवनागरी से दिव्य जीवन की यात्रा के अंतर्गत माइंड मैनेजमेंट, कार्य दक्षता उन्नयन, चक्र हीलिंग, देवनागरी वर्ण, बीज मंत्र आधारित मेडिटेशन अभ्यास करवाये गये। दूसरे सत्र में श्री भावसार द्वारा संसदीय राजभाषा निरीक्षण प्रश्नावली, राजभाषा नीति, नियम, अधिनियम पर प्रतिभागियों को प्रशिक्षित कर उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया गया।
उल्लेखनीय है कि संजय भावसार डीजीएम (राजभाषा) है एवं भारत सरकार के देश के जाने माने प्रतिष्ठित संस्थान एसपीएम में वर्तमान में पदस्थापित है।
उनके द्वारा इंडियन नॉलेज सिस्टम के अंतर्गत देश में पहली बार देवनागरी और राजभाषा पर इस विषय पर कार्यशालाओं में प्रशिक्षण दिया जाता है। इसके पूर्व वे आईआईएम, इंदौर जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में भी आमंत्रित किये जा चुके हैं।
कार्यशाला का संचालन एवं आभार प्रदर्शन सुश्री श्वेता यादव, राजभाषा अधिकारी, यूनियन बैंक द्वारा किया गया।

