
नर्मदापुरम / बैतूल / मध्यप्रदेश में पर्यटन के नए गंतव्यों की तलाश और ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में बैतूल जिले के प्राकृतिक एवं सांस्कृतिक स्थलों को विकसित करने की कवायद तेज हो गई है। इसी क्रम में मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड एवं स्थानीय प्रशासन के अधिकारियों ने जिले के प्रमुख पर्यटन स्थलों कुरको, भोंडियाकुंड और लोकल दरी का संयुक्त भ्रमण कर यहां पर्यटन विकास की संभावनाओं का जायजा लिया।
भ्रमण के दौरान अधिकारियों ने क्षेत्र में होम स्टे विकास, सॉफ्ट एडवेंचर गतिविधियों और स्थानीय सांस्कृतिक आयोजनों को बढ़ावा देने की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की। इसके साथ ही पर्यटकों के ठहरने की बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से चयनित स्थलों पर टेंट सिटी स्थापित करने की संभावनाओं पर भी विचार किया गया। माना जा रहा है कि इन स्थलों के विकसित होने से प्रदेश और देश के पर्यटकों को पचमढ़ी जैसे लोकप्रिय पर्यटन स्थलों के साथ-साथ नए और अनछुए प्राकृतिक गंतव्यों का अनुभव करने का अवसर मिलेगा।
अधिकारियों ने क्षेत्र में ट्रैकिंग, नेचर वॉक, कैंपिंग तथा प्रकृति आधारित अन्य गतिविधियों के संचालन की संभावनाओं का आकलन किया। साथ ही स्थानीय समुदाय को पर्यटन गतिविधियों से जोड़कर रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने पर भी विचार किया गया। होम स्टे मॉडल के माध्यम से ग्रामीण परिवारों की आय में वृद्धि और पर्यटकों को स्थानीय संस्कृति से परिचित कराने की योजना पर भी चर्चा हुई। टेंट सिटी की अवधारणा को भी पर्यटन सुविधाओं के विस्तार और पर्यटकों के रात्रि विश्राम की व्यवस्था से जोड़कर देखा जा रहा है।
भ्रमण के दौरान कुरको महोत्सव के पुनर्जीवन एवं पुनः आयोजन की संभावनाओं पर विशेष मंथन किया गया। अधिकारियों का मानना है कि स्थानीय संस्कृति और परंपराओं से जुड़े ऐसे आयोजनों को पुनर्जीवित कर क्षेत्र को एक विशिष्ट पर्यटन पहचान दी जा सकती है। इससे न केवल पर्यटकों को नया आकर्षण मिलेगा, बल्कि स्थानीय कला, संस्कृति और लोक परंपराओं को भी संरक्षण प्राप्त होगा।
निरीक्षण दल में मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड के निदेशक डी.पी. सिंह, संयुक्त निदेशक एस. के. श्रीवास्तव, सहायक निदेशक के. के. सिंह, प्रबंधक मुनेश कौशल एवं परियोजना प्रबंधक रहीमुद्दीन सिद्दीकी शामिल रहे। स्थानीय प्रशासन की ओर से जिला विकास अधिकारी संदीप राठौर, राजस्व निरीक्षक दीपक बारोद तथा पटवारी अरुण खाखा उपस्थित रहे।
अधिकारियों ने बताया कि बैतूल जिले के प्राकृतिक सौंदर्य, जलप्रपातों, वन क्षेत्र और सांस्कृतिक विरासत को पर्यटन से जोड़कर विकसित किया जाएगा। इससे पर्यटकों को नए पर्यटन स्थलों की खोज का अवसर मिलेगा, वहीं स्थानीय युवाओं और ग्रामीणों के लिए रोजगार के नए रास्ते भी खुलेंगे। पर्यटन बोर्ड द्वारा तैयार की जा रही कार्ययोजना के तहत इन स्थलों को भविष्य में प्रदेश के प्रमुख पर्यटन आकर्षण केंद्रों के रूप में विकसित करने की दिशा में प्रयास किए जाएंगे। साथ ही होम स्टे, टेंट सिटी और एडवेंचर पर्यटन गतिविधियों के माध्यम से बैतूल को प्रदेश के उभरते पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान दिलाने की योजना पर भी कार्य किया जाएगा।

