
नर्मदापुरम / “नर्मदापुर से नर्मदापुरम तक” कृति में नर्मदापुरम नगर के इतिहास, क्षेत्र के धार्मिक स्थलों, पूरा वैभव, स्वाधीनता संग्राम में स्थानीय राष्ट्र प्रेमियों की भागीदारी, अंचल की कला और साहित्य परंपरा, किस्सा गोई शैली में अभिव्यक्त कर विकास सहित विविध पक्षों को लेखिका ने समेटा गया है। विमोचन पहाड़िया स्थित एक रिसोर्ट में होगा। श्रीमति रतनानी का प्रयास विविध आयामों पर सामग्री का समावेश रहा है, कृति में विशिष्ट जन से की गई चर्चा भी रोचक तरीके से शामिल की गई है। उनकी यह कृति लोक परंपराओं और इस अंचल की प्रगति में रुचि रखने वाले शोधार्थियों के लिए लाभकारी पठनीय और संग्रहणीय सिद्ध है।
एक दृष्टि से एक और रचना उनके द्वारा रचित कृति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विरासत से विकास के ध्येय को लेकर संपूर्ण देश में हो रहे कार्य को पूर्णतः सफल दर्शाती है।
जानिये कौन है शहर की उभरती
लेखिका……
आइये हम कराते हैं उनसे परिचय….
नाम- श्रीमती रेखा रतनानी
लेखिका, समाज सेविका, प्राकृतिक संरक्षक,
जन्म- 19/10/1982
स्थान – गांव बागबाहरा जिला महासमुंद छत्तीसगढ़,
पिता – अशोक बजाज,
माता – श्रीमती सावित्री बजाज,
शिक्षा – पहले से पांचवी तक प्राथमिक कन्या शाला बागबाहरा,
छठवीं से 12वीं तक आसी बाई लक्ष्मीचंद गोलछा कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बागबाहरा,
बीसीए फाइनल माखनलाल चतुर्वेदी जिला दुर्ग छत्तीसगढ़।
प्रकाशित पुस्तक – साझा संकलन…
1. भ्रूण हत्या,
2. कुल को संवारती नारी,
3. कन्यादान,
4. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान,
कई राष्ट्रीय स्तर के पत्र पत्रिकाओं में रचनाएं , लघु कथा, कविताओं का प्रकाशन।
अन्य क्षेत्र में अनुभव….
15 वर्षों से अधिक भरतनाट्यम वह कत्थक की निरंतर शिक्षिका रही शहर के कई विद्यालयों में कला की सेवा प्रदान करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ।
सम्मान…..
the face of India राष्ट्र गौरव से सम्मानित, नव प्रज्ञा काव्या फाउंडेशन, भव्य फाउंडेशन अंतरराष्ट्रीय मैत्री सम्मेलन ग्लोबल एक्सीलेंस अवार्ड 2023 में सम्मानित, प्रांतीय सिंधी प्रतिभा मध्य प्रदेश सम्मान समारोह से सम्मानित, इंटरनेशनल सिंधु यूथ मीडिया रायपुर छत्तीसगढ़ से सम्मानित।
वर्तमान पता…….
शिवनंदनी निकेतन,
रेखा रतनानी,
मकान नंबर 130,
मोबाइल नंबर 8602008995,
पिन कोड 461001…
पिंक एवेन्यू फेस टू ,फेफर लाल हरदा बाईपास
नर्मदापुरम (म. प्र.)।
‘मध्य प्रदेश
इनका कहना….
मेरी यह किताब “नर्मदापुर से नर्मदापुरम तक” एक ऐतिहासिक ग्रंथ है, बीते कस्बे वह वर्तमान शहर का मानव नवीन लघु गजेटियर इस किताब की यात्रा चार धाम की यात्रा से कम न थी, सफर ऐसा मानो सागर मंथन सा उतार-चढ़ाव रहा, किंतु आनंद व तृप्ति महाकुंभ के स्नान सी।
श्रीमति रेखा रतनानी, लेखिका।

