
नर्मदापुरम / अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर शासकीय कन्या महाविद्यालय सिवनी मालवा में योगाभ्यास, प्राणायाम एवं ध्यान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन प्राचार्य डॉ. उमेश कुमार धुर्वे के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राध्यापक धीरेंद्र दुबे द्वारा सभी प्राध्यापक साथियों, कर्मचारियों एवं छात्राओं को विभिन्न योगासनों, प्राणायाम एवं ध्यान की विधियों का अभ्यास कराया गया तथा योग के महत्व एवं स्वास्थ्य लाभों की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।
अपने संबोधन में प्राचार्य डॉ. उमेश कुमार धुर्वे ने कहा कि योग भारत की प्राचीन सांस्कृतिक धरोहर है, जो आज संपूर्ण विश्व में स्वास्थ्य एवं कल्याण का प्रभावी माध्यम बन चुकी है। वर्तमान भागदौड़ भरे जीवन में योग शारीरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ मानसिक शांति एवं आत्मिक संतुलन प्रदान करता है। उन्होंने सभी को नियमित रूप से योग को अपनी दिनचर्या में शामिल करने का संदेश दिया।
इस अवसर पर प्राध्यापक धीरेंद्र दुबे ने कहा कि योग केवल व्यायाम नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक वैज्ञानिक एवं समग्र पद्धति है। नियमित योगाभ्यास से तनाव, चिंता एवं अनेक स्वास्थ्य समस्याओं से बचाव संभव है। उन्होंने सभी को प्रतिदिन योग करने तथा स्वस्थ एवं सकारात्मक जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में उपस्थित सभी प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक योगाभ्यास किया तथा योग को अपनी दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में डॉ. रजनीकांत वर्मा, डॉ. सतीश बालापुरे, डॉ. मनीष दीक्षित सहित महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापक, कर्मचारी एवं छात्राएं उपस्थित रहीं।

