
नर्मदापुरम / राज्य शासन द्वारा समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के संबंध में नीति निर्माण हेतु जनसामान्य से सुझाव आमंत्रित किए गए हैं। इस संबंध में नागरिक 22 जून 2026 तक अपने सुझाव ऑनलाइन माध्यम से प्रस्तुत कर सकते हैं। शासन का उद्देश्य व्यापक जनभागीदारी सुनिश्चित करते हुए सभी वर्गों के विचारों और सुझावों के आधार पर प्रभावी एवं समावेशी नीति तैयार करना है।
समान नागरिक संहिता के संबंध में सुझाव देने के लिए नागरिक संहिता की वेबसाइट ucc.mp.gov.in उपलब्धकराई गई है। कोई भी नागरिक पोर्टल पर जाकर सरल प्रक्रिया के माध्यम से अपने सुझाव दर्ज कर सकता है। वेबसाइट पर उपलब्ध फॉर्म में नाम, लिंग, धर्म, संभाग, जिला, पता एवं मोबाइल नंबर जैसी सामान्य जानकारी भरनी होती है। इसके पश्चात 12 प्रश्नों के उत्तर ‘हाँ’ अथवा ‘ना’ में देने होते हैं। मोबाइल नंबर पर प्राप्त ओटीपी के सत्यापन के बाद सुझाव सफलतापूर्वक जमा हो जाता है।
उल्लेखनीय है कि प्रदेश में वर्तमान में विभिन्न व्यक्तिगत एवं पारिवारिक विधियों के अंतर्गत विवाह, विवाह-विच्छेद, भरण-पोषण, उत्तराधिकार तथा अन्य पारिवारिक विषयों से संबंधित अलग-अलग प्रावधान लागू हैं। इन सभी प्रावधानों का समग्र परीक्षण कर एक उपयुक्त विधिक संरचना विकसित करने की आवश्यकता अनुभव की जा रही है। इसी उद्देश्य से राज्य शासन द्वारा विषय के विधिक, सामाजिक एवं प्रशासनिक पहलुओं का विस्तृत अध्ययन किया जा रहा है तथा नागरिकों से सुझाव प्राप्त किए जा रहे हैं।

