
नर्मदापुरम / बड़वाह / श्री विमलेश्वर महादेव रेवा धाम आश्रम बेलसर बड़वाह में एक शिवलिंग रोज अभिषेक मंडली तराना के द्वारा चल रही। सात दिवसीय शिव महापुराण कथा का सोमवार को श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास के वातावरण में भव्य समापन हुआ । समापन के अवसर पर पूरा धाम हर-हर महादेव और जय श्री गणेश के जयघोष से गुंजायमान रहा। वैदिक मंत्रोच्चार, हवन-पूजन और महाआरती के साथ कथा का विधिवत समापन किया गया, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लेकर धर्म और अध्यात्म की मां नर्मदा जी में डुबकी लगाई। सैकड़ों श्रद्धालुओं ने महाप्रसाद ग्रहण कर पुण्य लाभ अर्जित किया। सुबह से ही श्रद्धालुओं का धाम पहुंचना शुरू हो गया था।
माता-पिता की सेवा और सम्मान ही समस्त तीर्थों और संसार की परिक्रमा के समान है……
गणेश विवाह प्रसंग सुन श्रद्धालुओं को मिला ज्ञान और संस्कार का संदेश कथा व्यासपीठ पंडित राजेश शर्मा ने भगवान गणेश के विवाह प्रसंग का अत्यंत रोचक और प्रेरणादायी वर्णन किया। उन्होंने बताया कि भगवान गणेश का विवाह प्रजापति विश्वरूप की दो पुत्रियों ऋद्धि और सिद्धि के साथ हुआ था। ऋद्धि बुद्धि और सिद्धि सफलता की प्रतीक मानी जाती हैं। ऋद्धि से शुभ तथा सिद्धि से लाभ नामक दो पुत्रों का जन्म हुआ, जिनका स्मरण आज भी प्रत्येक शुभकार्य में किया जाता है। महाराज ने गणेश और कार्तिकेय के बीच हुए विवाह संबंधी प्रसंग का वर्णन करते हुए कहा कि दोनों भाइयों के बीच यह शर्त लगी थी कि जो सबसे पहले पृथ्वी और ब्रह्मांड की परिक्रमा कर लौटेगा, उसका विवाह पहले होगा। कार्तिकेय अपने वाहन पर सवार होकर ब्रह्मांड की यात्रा पर निकल गए, जबकि भगवान गणेश ने अपने माता-पिता भगवान शिव और माता पार्वती की परिक्रमा कर उन्हें ही संपूर्ण संसार मान लिया। शास्त्रों के अनुसार माता-पिता की सेवा और सम्मान ही समस्त तीर्थों और संसार की परिक्रमा के समान है। उनकीइस बुद्धिमत्ता से प्रसन्न होकर देवताओं ने गणेश जी का विवाह पहले संपन्न कराया।
संस्कृति और संस्कारों का संगम…..
कथावाचक ने कहा कि भगवान गणेश का यह प्रसंग केवल धार्मिक कथा नहीं, बल्कि जीवन में माता-पिता के सम्मान, बुद्धिमत्ता और संस्कारों के महत्व का संदेश देता है। कथा के दौरान श्रद्धालु भक्ति भाव में डूबे रहे और समय-समय पर जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा।कथा के मध्य संत समाज से बाबा बर्फानी बद्रिका आश्रम संत भोला दास महाराज पधारे थे।विमलेश्वर महादेव रेवा धाम आश्रम समिति अध्यक्ष अनूप सिंह पटेल मिश्री सेठ दीपक सोनी एवं आश्रम संत बलिराम महाराज के अथक सहयोग एवं प्रयास से कार्यक्रम सफल हो पाया है।उपरोक्त जानकारी पंडित भास्कर शर्मा ने दी।

