
नर्मदापुरम / कलेक्टर सोमेश मिश्रा के निर्देश अनुसार पर्यावरण संरक्षण एवं प्रकृति से जुड़ाव हेतु महाविद्यालय में वनस्पति विभाग, प्राणिशास्त्र विभाग एवं एन.एस .एस. द्वारा सीड बॉल निर्माण पर एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिसमें छात्राओं द्वारा आम, जामुन, पपीता, गुलमोहर, नीम, आंवला, बेर, सहजल आदि के सीड बॉल तैयार किए गए। कार्यशाला में छात्राओं को सीड बॉल निर्माण करने की विधि पर वीडियो दिखाया गया। इस अवसर पर डॉ. आर. एस. मेहरा ने कहा कि सीड बॉल तकनीक कम लागत में अधिक हरित क्षेत्र विकसित करने का प्रभावी माध्यम है। डॉ. संजय आर्य ने छात्राओं को सीड बॉल (बीज गेंद) निर्माण की प्रक्रिया, उसके महत्व तथा पर्यावरण संरक्षण में उसकी भूमिका के बारे में विस्तार से जानकारी दी। डॉ. शिखा गुप्ता ने बताया कि सीड बॉल मिट्टी, गोबर और बीजों से तैयार की जाती है, जिन्हें वर्षा ऋतु में उपयुक्त स्थानों पर फेंकने से पौधों का प्राकृतिक रूप से विकास होता है। एन.एस.एस. प्रभारी कु. नीतू अहिरवार ने छात्राओं को पर्यावरण संरक्षण के लिए निरंतर प्रयास करने तथा अधिक से अधिक पौधे लगाने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर श्री रविन्द्र चौरसिया, डॉ. शिरीष परसाई, डॉ. श्रद्धा जैन, डॉ. नेहा सिकरवार, मंथन दुबे, एन. आर. मालवीय एवं छात्राएं उपस्थित थी।

