
नर्मदापुरम / शासकीय प्रधानमंत्री एक्सीलेंस नर्मदा महाविद्यालय में संचालित इंटीग्रेटेड बी.ए. एल.एल.बी. (12+5) पाठ्यक्रम को बंद किए जाने के निर्णय का विरोध तेज हो गया है। महाविद्यालय के पूर्व छात्रों, अधिवक्ताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने संयुक्त रूप से प्रेस वार्ता आयोजित कर पाठ्यक्रम को तत्काल पुनः प्रारंभ करने की मांग की।
प्रेस वार्ता में वक्ताओं ने कहा कि बी.ए. एल.एल.बी. जैसे रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रम युवाओं को न्यायिक क्षेत्र में करियर बनाने और स्वरोजगार के अवसर प्रदान करते हैं। ऐसे समय में जब देश के करोड़ों युवा रोजगार संकट का सामना कर रहे हैं, इस पाठ्यक्रम को बंद करना क्षेत्र के विद्यार्थियों के भविष्य पर गंभीर आघात है। उन्होंने कहा कि इस निर्णय से विशेष रूप से ग्रामीण एवं मध्यमवर्गीय परिवारों के विद्यार्थियों को नुकसान होगा, जिन्हें स्थानीय स्तर पर विधि शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलता था।
वक्ताओं ने छात्रहित को सर्वोपरि बताते हुए महाविद्यालय प्रबंधन एवं शासन से मांग की कि बी.ए. एल.एल.बी. पाठ्यक्रम को तत्काल पुनः प्रारंभ किया जाए, ताकि क्षेत्र के युवाओं को उच्च शिक्षा और रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध हो सकें।
प्रेस वार्ता में यह भी बताया गया कि इस मांग को लेकर आगामी दिनों में क्षेत्र के सांसदों और विधायकों को ज्ञापन सौंपा जाएगा। साथ ही ज्ञापन की एक प्रति कलेक्टर को भी दी जाएगी। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि जनता के हित से जुड़े इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर जनप्रतिनिधियों द्वारा अब तक कोई पहल नहीं की गई है।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांग पर शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन के अगले चरण में धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
प्रेस वार्ता में आयकर अधिवक्ता शिवमंगल सिंह चौहान, अधिवक्ता श्रीमती कुसुम तोमर, विजेंद्र राजपूत, अंकित दुबे, अजय शर्मा, वीरेन्द्र चौहान, मोहन वैरागी, कांग्रेस नेता राकेश शर्मा, राजेश राठौर ‘बबलू’, रोहित पवार, दीपक लोवंशी सहित अन्य लोग उपस्थित थे।

