नर्मदापुरम / शासकीय गृहविज्ञान स्नातकोत्तर अग्रणी महाविद्यालय में स्वामी विवेकानंद मार्गदर्शन प्रकोष्ठ, राष्ट्रीय सेवा योजना, अंकुर समिति एवं ’एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के संयुक्त तत्वावधान में विश्व पर्यावरण दिवस (5 जून) से अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस (21 जून) तक विशेष सेवा एवं जनजागरूकता पखवाड़ा संचालित किया जा रहा है। यह अभियान महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. श्रीमती कामिनी जैन के मार्गदर्शन में आयोजित किया जा रहा है।
पखवाड़े के अंतर्गत आज महाविद्यालय में स्वयंसेवी छात्राओं को सीड बॉल निर्माण का प्रशिक्षण प्रदान किया गया। छात्राओं द्वारा उत्साहपूर्वक सीड बॉल का निर्माण किया गया। इस गतिविधि का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता संवर्धन तथा वर्षा ऋतु में अधिक से अधिक पौधों के विकास को प्रोत्साहित करना है।
महाविद्यालय में इस अवधि के दौरान वृक्षारोपण, बीज संग्रहण एवं संरक्षण, पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रम, स्वच्छता गतिविधियों सहित विभिन्न कार्यक्रम निरंतर आयोजित किए जा रहे हैं। छात्राओं द्वारा विभिन्न प्रजातियों के बीज एकत्रित कर संरक्षित किए जा रहे हैं, जिससे भविष्य में हरित क्षेत्र के विस्तार एवं पर्यावरण संरक्षण में योगदान दिया जा सके। ’एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान एवं अंकुर समिति के अंतर्गत वृक्षारोपण कार्यक्रम भी सतत रूप से संचालित किया जा रहा है।
छात्राओं को मार्गदर्शन देते हुए प्राचार्या डॉ. श्रीमती कामिनी जैन ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल एक दिवस का आयोजन नहीं, बल्कि प्रत्येक व्यक्ति की सतत जिम्मेदारी है। प्रकृति के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं तथा विद्यार्थियों की सहभागिता इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
स्वामी विवेकानंद मार्गदर्शन प्रकोष्ठ प्रभारी डॉ. संगीता अहिरवार ने कहा कि सीड बॉल निर्माण पर्यावरण संरक्षण का एक सरल, प्रभावी एवं नवाचारपूर्ण माध्यम है। इसके माध्यम से बंजर एवं अनुपयोगी भूमि पर भी हरियाली विकसित की जा सकती है। उन्होंने छात्राओं को अधिकाधिक संख्या में सीड बॉल तैयार कर वर्षा ऋतु में उनके उपयोग के लिए प्रेरित किया।
स्वामी विवेकानंद केरियर मार्गदर्शन प्रकोष्ठ की टीपीओ अंकुर समिति प्रभारी डॉ. रागिनी सिकरवार ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में छोटे-छोटे प्रयास भी बड़े परिवर्तन का आधार बनते हैं। सीड बॉल निर्माण जैसी गतिविधियाँ विद्यार्थियों में प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता एवं जिम्मेदारी की भावना विकसित करती हैं। उन्होंने बीज संरक्षण, वृक्षारोपण एवं जैव विविधता संवर्धन को समय की आवश्यकता बताते हुए छात्राओं को पर्यावरण संरक्षण के लिए निरंतर कार्य करने हेतु प्रेरित किया।
राष्ट्रीय सेवा योजना, नर्मदापुरम की जिला संगठक डॉ. हर्षा चचाने ने कहा कि विश्व पर्यावरण दिवस से अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस तक चलाया जा रहा यह विशेष सेवा एवं जनजागरूकता पखवाड़ा युवाओं में पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता एवं सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवक सेवा, जागरूकता एवं जनभागीदारी के माध्यम से समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का कार्य कर रहे हैं।
कार्यक्रम में महाविद्यालय का स्टाफ एवं छात्राएँ उपस्थित रहीं। सभी ने पर्यावरण संरक्षण एवं हरित भविष्य के निर्माण हेतु सक्रिय सहभागिता निभाने का संकल्प लिया।

