
इटारसी / “प्यास सिर्फ गले की नहीं होती, प्यास समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी की भी होती है। और जो इस प्यास को समझता है, वही सच्चे अर्थों में इंसान कहलाता है।”
समय बदला, जरूरतें बदलीं और बदलने के साथ बदल गई सेवा की परिभाषा भी। एक दौर था जब तपती गर्मियों में समाजसेवी रास्तों पर ‘प्याऊ’ खोलकर राहगीरों की प्यास बुझाया करते थे। लेकिन आज के इस दौर में, जब जल संकट घर की दहलीज तक आ खड़ा हुआ है, तब प्याऊ का स्वरूप बदलकर ‘घर पहुंच सेवा’ बन गया है।
इटारसी में पूर्व पार्षद स्वर्गीय भाऊ धर्मदास मिहानी की स्मृति में, पार्षद कन्हैया लाल मिहानी (बग्गा भैया) एवं मिहानी परिवार द्वारा ट्रैक्टर सहित निशुल्क जल वितरण टैंकरों का संचालन शुरू करना महज़ एक व्यवस्था नहीं, बल्कि सेवा का एक जीवंत दर्शन है।
सेवा की एक नई और अनूठी परंपरा…….
यह शहर के इतिहास में संभवतः पहली बार हो रहा है कि जब जनता पेयजल संकट से जूझ रही है, तब व्यवस्था के भरोसे हाथ पर हाथ धरे बैठने के बजाय विपक्ष के पार्षद और सामाजिक कार्यकर्ता खुद जिम्मेदारी उठाकर आगे आए हैं। राजनीति और दलगत भावनाओं से ऊपर उठकर, “जनसेवा ही प्रभु सेवा है” के सिद्धांत को मिहानी परिवार ने धरातल पर सच कर दिखाया है।
इस विचार के साथ कि पानी देना सिर्फ किसी की प्यास बुझाना नहीं है, बल्कि संकट के समय किसी के जीवन में शीतलता घोलने जैसा है। मिहानी परिवार ने समाजसेवा की अपनी पुरानी और समृद्ध परंपरा को न सिर्फ कायम रखा है, बल्कि उसे आधुनिक समय की जरूरतों के हिसाब से और अधिक सुलभ और व्यावहारिक बना दिया है।
एक आह्वान, एक अपील……
जब एक परिवार समाज को राह दिखाने के लिए आगे आता है, तो पूरे समाज का कर्तव्य बनता है कि उस प्रयास का सम्मान करे और उससे प्रेरणा ले। संबंधित वार्ड वासी इस निशुल्क सेवा का लाभ उठा सकते हैं। इस भीषण गर्मी में, जहां पानी की हर एक बूंद अमृत के समान है, मिहानी परिवार का यह ‘जल-यज्ञ’ इटारसी के लिए एक वरदान साबित होगा। उम्मीद है कि इस निस्वार्थ कार्य से प्रेरणा लेकर शहर के अन्य सक्षम लोग और संस्थाएं भी आगे आएंगी, क्योंकि समाज तभी समृद्ध होता है जब हम संकट के समय एक-दूसरे का संबल बनते हैं।

