

नर्मदापुरम / शहर के जुमेराती क्षेत्र में लगभग 50 साल पुराने पशु अस्पताल परिसर इन दिनों अतिक्रमण की भेंट चढ़ रही है। यहां का अस्पताल और आवास जर्जर अवस्था में पहुंच गया है। नया हॉस्पिटल आईटीआई रोड पर बन जाने से इसे बंद कर दिया गया है लेकिन यहां पर कुछ शासकीय आवास हैं जिनमें कुछ लोग रहते हैं। इस जगह पर अब अतिक्रमण जमकर फैल रहा है। सरकारी जमीन पर लोगों ने मकान बनाना शुरू कर दिए हैं। दोनों तरफ से रास्ते बंद किया जा रहा है। इस पूरे खेल में अधिकारियों के मिली भगत से इंकार नहीं किया जा सकता । इस भूमि पर पशु चिकित्सा बंद हो गया है और लोगों की नजर इस पर चली गई । अब जमकर अतिक्रमण हो रहा है। इस पूरे मामले में विभाग से लेकर शासन की आला अधिकारी भी बेखबर है। पशु चिकित्सा विभाग परिसर खंडहर में तब्दील हो गया है। इसके चलते लोगों ने यहां कब्जा करना शुरू कर दिया है। कच्चे पक्के मकान बनने लगे हैं। सरकारी जमीन हथियाना की कोशिश की जा रही है। करोड़ों की शासकीय भूमि पर धीरे-धीरे अतिक्रमणकारियों ने अपने पैर पसारना शुरू कर दिए हैं।
हाल ही में भीलपुरा में शासकीय भूमि से हटाया अतिक्रमण….
गौरतलब है कि कलेक्टर सोमेश मिश्रा के निर्देशों के पालन में प्राप्त शिकायत के आधार पर राजस्व विभाग द्वारा नगर के भीलपुरा क्षेत्र में शासकीय भूमि पर किए गए अतिक्रमण के विरुद्ध कार्रवाई की गई। स्थल निरीक्षण के दौरान पाया गया कि नजूल भूमि, नजूल शीट क्रमांक-09, प्लॉट क्रमांक-1, रकबा 59493 वर्गफुट शासकीय भूमि पर सचिन रैकवार पिता पूरनलाल रैकवार निवासी वार्ड क्रमांक-26 रेवागंज द्वारा ईंट भट्टा संचालित कर लगभग 30,000 वर्गफुट भूमि पर अतिक्रमण किया गया था। गुरुवार को नायब तहसीलदार नर्मदापुरम नगर, नायब तहसीलदार नजूल एवं राजस्व निरीक्षक की उपस्थिति में उक्त अतिक्रमण को हटाने की कार्रवाई की गई। प्रशासन द्वारा कार्रवाई करते हुए शासकीय भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया गया। राजस्व विभाग के अनुसार उक्त कार्रवाई में लगभग 3.5 करोड़ रुपये मूल्य की शासकीय भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शासकीय भूमि पर अवैध कब्जा करने वालों के विरुद्ध आगे भी सख्त कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी।

