

नर्मदापुरम / बुधनी / शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बुधनी के पुराने स्कूल परिसर में रविवार को एक ऐसा भावुक और यादगार दृश्य देखने को मिला, जिसने हर किसी को अपने स्कूल के दिनों में लौटा दिया। वर्ष 1996 बैच के पूर्व छात्रों का भव्य रीयूनियन आयोजित हुआ, जहां करीब 30 साल बाद पुराने दोस्त एक-दूसरे से मिले तो स्कूल के गलियारे फिर से हंसी, ठिठोली और यादों से गुलजार हो उठे।
देश के अलग-अलग हिस्सों — ग्वालियर, अहमदाबाद, पुणे, मुंबई, जबलपुर और भोपाल सहित कई शहरों से पूर्व छात्र अपने पुराने “होम ग्राउंड” बुधनी पहुंचे। जैसे ही साथ पढ़े मित्र आमने-सामने आए, माहौल भावुकता और अपनत्व से भर गया। किसी ने गले लगकर पुराने दिनों को याद किया तो किसी की आंखें नम हो गईं।
कामयाबी बड़ी, लेकिन दोस्ती सबसे बड़ी…..
समय के साथ इन छात्रों ने अलग-अलग क्षेत्रों में अपनी पहचान बनाई। कोई सफल इंजीनियर बना, कोई उद्योगपति, कोई शिक्षक, पत्रकार, डॉक्टर और व्यवसायी तो कोई खेती-किसानी से जुड़ा। लेकिन स्कूल परिसर में कदम रखते ही सभी अपने पद और पहचान भूलकर फिर वही पुराने स्कूली साथी बन गए।
पुरानी कक्षाओं में बैठकर सभी ने एक साथ “जन गण मन” गाया और वर्षों बाद फिर से हाजिरी लगवाई। यह पल इतना भावुक था कि कई साथियों की आंखें भर आईं। पुराने ब्लैकबोर्ड, बेंच और स्कूल का माहौल मानो बीते समय को फिर जीवंत कर रहा था।
पौधारोपण कर संजोई यादें……
सुबह 10 बजे से शुरू हुआ यह आयोजन शाम 5 बजे तक उत्साह और अपनत्व के माहौल में चलता रहा। पूर्व छात्रों ने नए संदीपनी स्कूल परिसर का भ्रमण किया और इस ऐतिहासिक मिलन को यादगार बनाने के लिए पौधारोपण भी किया। उन्होंने इसे आने वाली पीढ़ियों के लिए मित्रता और संस्कारों की निशानी बताया।
दिनभर चलता रहा यादों और ठहाकों का सिलसिला…..
कार्यक्रम के दौरान दोस्तों ने पुरानी क्लासों में बैठकर क्लास बंक करने, शिक्षकों की नकल उतारने और स्कूल के शरारती दिनों के किस्से साझा किए। 30 साल बाद मिले साथियों ने ग्रुप फोटो सेशन के जरिए इन खास पलों को कैमरों में कैद किया। साथ बैठकर लंच, चाय-नाश्ता और लंबी गपशप ने माहौल को और आत्मीय बना दिया।
विशेष आकर्षण तब रहा जब राजेश यादव ने बस के माध्यम से सभी पूर्व छात्रों को पूरे बुधनी शहर का भ्रमण कराया। पुराने रास्ते, बाजार और यादों से जुड़े स्थान देखकर सभी भावुक नजर आए।
इस अवसर पर उद्योगपति मंजीत राजपूत, इंजीनियर राजेश मीणा, अनिल शर्मा, शिक्षक नवल निमोदा, हरदयाल सिंह, डॉ. बंसीलाल, पार्षद श्रीकांत शर्मा, प्रवीण भावसार, संतोष मालवीय, मुकेश साहू, राधिकेश महाराज, धीरेन्द्र तिवारी, नरेश मालवीय, हरगोविंद मालवीय सहित बड़ी संख्या में पूर्व छात्र मौजूद रहे।
यह आयोजन सिर्फ एक रीयूनियन नहीं, बल्कि उन रिश्तों का उत्सव था जो समय और दूरी के बावजूद आज भी उतने ही मजबूत हैं। कार्यक्रम ने एक बार फिर साबित कर दिया कि स्कूल की दोस्ती जीवन की सबसे खूबसूरत और अमूल्य पूंजी होती है।

