
नर्मदापुरम / साथी जनशिक्षण एवं संस्कृति समिति नर्मदापुरम द्वारा कथक नृत्य, श्री रामायण नृत्य नाटिका, लोक नृत्य एवं लोक/शास्त्रीय गायन का ग्रीष्मकालीन प्रस्तुतिपरक 10 दिवसीय भव्य प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया जा रहा है। कला और संस्कृति के इस अनूठे संगम में कार्यशाला एवं प्रशिक्षण शिविर दिनांक 21 मई से 30 मई 2026 तक किए जाएंगे। यह कार्यशाला शा. नर्मदा महाविद्यालय नर्मदापुरम के विशेष सहयोग से महाविद्यालय के ऑडिटोरियम में सायं 4.00 बजे से सायं 7.00 बजे तक प्रतिदिन की जाएगी। इसमें कथक नृत्य की गरिमा एवं तकनीकी पक्ष के बारे में सिखाया जाएगा एवं कथक नृत्य आधारित श्री रामायण नृत्य नाटिका तैयार की जाएगी तथा ऊर्जा और उत्साह से भरे अलग – अलग राज्यों के लोक नृत्य का भी विधिवत प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस कार्यशाला में सभी आयु वर्ग के लोग प्रशिक्षण के लिए भाग ले सकते है। कार्यक्रम के निर्देशक रत्नेश साहू हैं एवं कार्यक्रम समन्वय तनुजा ओली द्वारा किया जाएगा। जिला मुख्यालय के अतिरिक्त समानांतर नर्मदांचल के ग्रामीण अंचलों में कला एवं संस्कृति की अवधारणा विकसित करने के उद्देश्य से जिले के तीन गांव में प्रातः 9.00 बजे से 12.00 बजे तक पूर्णतः निःशुल्क कार्यशाला आयोजित कर प्रशिक्षण दिया जाएगा। ग्राम डोंगरवाडा में बाबा प्रसाद दास के सहयोग से श्री अखंड मंडलेश्वर धाम में गांव के लोगों को लोक गायन, लोक एवं शास्त्रीय नृत्य का प्रशिक्षण दिया जाएगा। ग्राम रायपुर में ग्राम सरपंच शशांक मिश्रा, शिवराज चंद्रोल एवं गायक संगीतकार सोहन सिंह राजपूत के सहयोग से श्री ठाकुर जी मंदिर प्रांगण बाजार मोहल्ला में ग्रामवासियों को लोक गायन एवं लोक संगीत का प्रशिक्षण दिया जाएगा तथा ग्राम रोहना में श्रीमती मैना राजपूत, गोलू राजपूत के सहयोग से पटेल मोहल्ला में अधिक से अधिक ग्रामवासियों को लोक गायन एवं लोक संगीत का विधिवत प्रशिक्षण दिया जाएगा। नर्मदा महाविद्यालय में कार्यशाला का शुभारंभ 21 मई 2026 दिन गुरुवार को सायं 4.00 बजे से होगा। जिसमें कार्यशाला का उद्घाटन मुख्य अतिथि डॉ. सीतासरन शर्मा विधायक नर्मदापुरम, विशिष्ट अतिथि डॉ. रामकुमार चौकसे प्राचार्य नर्मदा महाविद्यालय, अतिथि डॉ. अतुल सेठा एवं डॉ. कमल वाधवा द्वारा किया जाएगा। इन कार्यशालाओं में सभी प्रतिभागियों को लखनऊ से आमंत्रित अनुभवी नृत्य गुरु सुश्री तनुजा ओली, सुश्री अवंतिका शर्मा, सुश्री दीप्ती शर्मा एवं संगीत गुरु नैतिक सिंह राजपूत, दीपक परवाल, अंश शर्मा का सान्निध्य प्राप्त होगा। कार्यशाला के समापन पर 30 मई को इस दौरान तैयार की गई। प्रस्तुतियों का मंचन किया जाएगा तथा इसके उपरांत सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र भी प्रदान किए जाएंगे। कार्यक्रम निर्देशक रत्नेश साहू ने नगर में सांस्कृतिक विकास की दृष्टि से अधिक से अधिक रुचिकर लोगों महिलाओं और बच्चों को इस कार्यशाला में भाग लेने की अपील की है।

