


नर्मदापुरम / सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग एमएसएमई के विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शनिवार को प्लेटिनम रिसोर्ट में एमएसएमई ऋण मेगा आउटरीच शिविर कार्यक्रम आयोजित हुआ। शिविर में 50 से अधिक हितग्राहियों को 62 करोड़ के स्वीकृति पत्र प्रदान किए। साथ ही 105 करोड़ के ऋण के लिए नए उद्यमियों ने आवेदन किए। इस मौके पर मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद संयुक्त कलेक्टर दैवेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि सरकार की सोच देश के युवा, महिला वर्ग से लेकर पात्र वृद्ध सभी को आत्मनिर्भर बनाने की है। उद्यमी नर्मदांचल संभाग की जरूरतों को देखते हुए युवा उद्यमी प्रोजेक्ट शुरू करें, स्थानीय संसाधनों का उपयोग कर ऋण का सदुपयोग करें। ग्राहकों की ऋण संबंधी समस्याओं को दूर करने के उद्देश्य से मेगा ऋण आउटरीच शिविर में समाज के गरीब तबके से लेकर बड़े उद्यमियों तक बैकिंग योजनाओं को जानकारी के साथ उन्हें ऋण देकर आर्थिक रुप से सबल बनाने का काम सेंट्रल बैंक आफ इंडिया के तत्वाधान में किया गया है। केंद्रीय कार्यालय मुंबई के महाप्रबंधक विवेक कुमार ने कहा कि देश के आर्थिक विकास और रोजगार सृजन में पिछले 15 सालों में एमएसएमई और बैंक ने भूमिका निभाई है। इस तरह के आयोजन से वित्तीय सहायता तक पहुंच आसान होती है। क्षेत्रीय प्रमुख मुकेश चौधरी ने कहा कि बैंक अब क्लस्टर आधारित पहुंच पर विशेष ध्यान दे रहा है, ताकि क्षेत्र के विशिष्ट व्यापारिक समूहों, विशेषकर होटल, पर्यटन और हास्पिटैैलिटी सेक्टर को उनकी जरूरतों के अनुसार सरल और त्वरित बैकिंग सुविधाएं मिल सकें। कार्यक्रम में उद्यमियों को मुद्रा, बिजनेस लोन, शाप लोन, सीए लोन, टेक्सटाइल सेक्टर के लिए लोन, जीएसटी आधारित ऋण, संजीवनी योजना और सेंट होटल योजना की विस्तृत जानकारी दी गई, इनमें सेंट बिजनेस लोन, सेंट बिजनेस व्हीकल, सेंट संजीवनी, सेंट टेक्सटाइल, सेंट स्टैंड अप इंडिया, सेंट शाप और सेंट होटल जैसी योजनाएं शामिल थीं। कार्यक्रम में लघु उद्योग संघ अध्यक्ष अवधनारायण चौहान, जिला लघु उद्योग संघ नर्मदापुरम अध्यक्ष राम नवलानी, महासचिव गौरव सेठ, उदित द्विवेदी, प्रदीप सैनी, लघु उद्योग संघ के सचिव महेंद्र रघुवंशी, कृष्ण मुरारी अग्रवाल, शैलेश कटारे, अजय खन्ना, मुख्य प्रबंधक अजीत झां व दिग्विनय सिंह ने भी संबोधित किया।

