
नर्मदापुरम / संचार जीवन के लिए बेहद आवश्यक है आज के समय में तो संचार जीवन का पर्याय बन गया है। एक समय था जब किसी तक अपनी बात पहुंचान के लिए काफी सोचना समझना पड़ता था। यदि कोई बहुत जरुरी संदेश हो तभी वो किसी और तक पहुंचाया जाता था। आम आदमी तो किसी भी तरह का संदेश पहुंचाने की सोच भी नहीं सकता था। कभी राजा के सैनिक, दूत उनके संदेश लेकर दूसरे राज्य जाने में महीनों, सालों लगा देते थे वहीं आज स्थित बदल गई है। आज सालों तक में पहुंचने वाली बात एक क्षण में पहुंच जाती है।
क्या आप जानते हैं कि दूरसंचार क्या होता है ?
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केबल, टेलीग्राफ या प्रसारण के माध्यम से दूरी पर होने वाले संचार को दूरसंचार कहते हैं। दूसरे शब्दों में, यह संकेतों, संदेशों, शब्दों, लेखों, चित्रों और ध्वनियों या किसी भी प्रकार की जानकारी का प्रसारण है। प्रौद्योगिकी के बिना संचार में शामिल पक्षों के बीच सूचना का आदान-प्रदान संभव नहीं है।
क्या आप जानते हैं कि संचार शब्द लैटिन शब्द ‘कम्युनिकेशियो’ से लिया गया है, जिसका अर्थ है सूचना के आदान-प्रदान की सामाजिक प्रक्रिया? चूंकि संचार में विभिन्न प्रौद्योगिकियां शामिल होती हैं, इसलिए दूरसंचार शब्द का प्रयोग बहुवचन रूप में किया जाता है।
इतिहास
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विश्व दूरसंचार दिवस 17 मई, 1865 को अंतर्राष्ट्रीय दूरसंचार संघ (आईटीयू) की स्थापना की स्मृति में मनाया जाता है।
17 मई, 1969 को पहली बार विश्व दूरसंचार दिवस वार्षिक रूप से मनाया जाने लगा, जो आईटीयू की स्थापना और 1865 में पहले अंतर्राष्ट्रीय टेलीग्राफ कन्वेंशन पर हस्ताक्षर की याद दिलाता है। इसे 1973 में मलागा-टोरेमोलिनोस में पूर्णाधिकार सम्मेलन द्वारा स्थापित किया गया था।
नवंबर 2005 में, सूचना समाज पर विश्व शिखर सम्मेलन ने संयुक्त राष्ट्र महासभा से 17 मई को विश्व सूचना समाज दिवस घोषित करने का आह्वान किया। मार्च 2006 में, महासभा ने एक प्रस्ताव पारित किया कि विश्व सूचना समाज दिवस प्रत्येक वर्ष 17 मई को मनाया जाएगा। अतः, 17 मई, 2006 को पहला विश्व सूचना समाज दिवस मनाया गया।
नवंबर 2006 में, तुर्की के अंताल्या में आयोजित आईटीयू पूर्णाधिकार सम्मेलन ने 17 मई को विश्व दूरसंचार और सूचना समाज दिवस को एक साथ मनाने का निर्णय लिया। इस विषय को परिषद द्वारा प्रतिवर्ष अपनाया गया और संचार को बेहतर बनाने के लिए विचारों और विधियों का आदान-प्रदान करके इसे मनाया जाता है।
हम इस तथ्य को नजरअंदाज नहीं कर सकते कि टेलीफोन, रेडियो और कंप्यूटर के उपयोग से हुए आधुनिकीकरण ने लोगों को करीब लाया है। किसी भी क्षेत्र में विकास के लिए यह आवश्यक है कि सूचना का प्रसार विश्व भर में हो। इसलिए, विश्व दूरसंचार और सूचना समाज दिवस संचार के विकास और सूचना के विश्व भर में प्रसार को समर्पित है।
महत्व:
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हर साल विश्व दूरसंचार और सूचना समाज दिवस मनाया जाता है ताकि इंटरनेट और अन्य सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (आईसीटी) के उपयोग से समाज और अर्थव्यवस्थाओं को होने वाले लाभों के बारे में जागरूकता फैलाई जा सके और डिजिटल विभाजन को पाटने की रणनीतियों पर चर्चा की जा सके। इस आयोजन के कुछ प्रमुख उद्देश्य इस प्रकार हैं:
प्रभावशीलता बढ़ाएँ।
सहयोग को प्रोत्साहित करें।
अपने कार्यस्थल में लचीलापन लाएं
समय कम करें।
आमने-सामने की बातचीत बंद करें।
व्यवसाय के संचार खर्चों में वृद्धि करें।
हम इस तथ्य को नजरअंदाज नहीं कर सकते कि टेलीफोन, रेडियो और कंप्यूटर के उपयोग से हुए आधुनिकीकरण ने लोगों को करीब लाया है। किसी भी क्षेत्र में विकास के लिए यह आवश्यक है कि सूचना का प्रसार विश्व भर में हो। इसलिए, विश्व दूरसंचार और सूचना समाज दिवस संचार के विकास और सूचना के विश्व भर में प्रसार को समर्पित है। (संकलन – प्रीति चौहान)

