
नर्मदापुरम / शहर में जिला खेल और युवा कल्याण विभाग द्वारा खेल सुविधाओं के विस्तार के लिए आवंटित भूमि पर बढ़ते अतिक्रमण ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। विभाग ने तहसीलदार और आयुक्त को पत्र लिखकर कहा है कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर की खेल परियोजनाओं के रास्ते में अवैध निर्माण और असामाजिक गतिविधियां एक बड़ी बाधा हैं। इनडोर स्टेडियम और हॉकी मैदान के पास अवैध कब्जा किया गया है। ग्राम किशनपुरा के खसरा नंबर 157 (रकबा 0.405 हेक्टेयर) पर अंतर्राष्ट्रीय स्तर के मल्टीपर्पस हॉल और हॉकी टर्फ मैदान का निर्माण प्रस्तावित है। पूर्व में यहां 20 फीट चौड़ी सड़क छोड़ी गई थी, लेकिन वर्तमान में यहां अतिक्रमण कर लिया गया है, जिससे निर्माण कार्य प्रभावित हो रहा है।
असामाजिक गतिविधियों का केंद्र बनी झुग्गियां……
ग्राम डोंगरी और किशनपुरा के मोड़ खसरा नंबर 10 पर श्रीमती चंद्रकला और अन्य लोगों द्वारा झोपड़ी डालकर रास्ता बंद कर दिया गया है। विभाग का आरोप है कि इन अवैध झोपड़ियों को किराए पर चलाया जा रहा और विभिन्न अनैतिक कार्य संचालित हो रहे हैं। माहौल खराब होने के कारण निर्माण सामग्री की चोरी होने की संभावना बनी रहती है।अतिक्रमण के कारण खेल मैदान तक पहुंचने का मुख्य रास्ता बंद हो गया है, जिससे खिलाड़ियों और आम जनता को भारी असुविधा हो रही है। विभाग ने चिंता जताई है कि असुरक्षित माहौल के कारण मैदान पर आने वाले खिलाड़ियों की संख्या में दिन-प्रतिदिन कमी आ रही है।
प्रशासनिक सुस्ती पर उठाए सवाल….
खेल विभाग ने राजस्व विभाग और नगर पालिका को इस संबंध में अनेकों बार आवेदन और पत्राचार किया है। विभाग का कहना है कि एक ओर शासन ‘मुख्यमंत्री जन कल्याण अभियान’ के तहत सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने का अभियान चला रहा है, वहीं दूसरी ओर खेल विभाग की आवंटित भूमि पर बार-बार शिकायत के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। विभाग की मांग की है कि आवंटित भूमि का सीमांकन कराया जाए। अतिक्रमण हटाकर खिलाड़ियों और रहवासियों के लिए सुरक्षित माहौल सुनिश्चित किया जाए। इंडोर स्टेडियम और लॉन टेनिस कोर्ट के निर्माण हेतु भूमि को पूरी तरह कब्जा मुक्त कराया जाए। कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक और अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) को भी सूचना की गई है।

