
नर्मदापुरम / जबलपुर में शनिवार को कल्चुरी होटल में आयोजित दो दिवसीय रीजनल होम स्टे समिट का शुभारंभ कलेक्टर राघवेन्द्र सिंह ने किया। मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड एवं होम स्टे ऑनर्स वेलफेयर सोसाइटी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस समिट में महाकौशल और विंध्य अंचल के 13 जिलों से लगभग 60 होम स्टे संचालकों ने भाग लिया।
कलेक्टर राघवेन्द्र सिंह ने कहा कि होम स्टे केवल ठहरने की व्यवस्था नहीं, बल्कि स्थानीय संस्कृति, पारंपरिक व्यंजन और आत्मीयता से जुड़ा अनुभव है। उन्होंने कहा कि पर्यटकों का खुले दिल से स्वागत करने से पर्यटन और स्थानीय रोजगार दोनों को बढ़ावा मिलेगा।
एमपी टूरिज्म बोर्ड के निदेशक डीपी सिंह ने कहा कि होम स्टे में पर्यटकों को सुखद अनुभूति मिलना सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में अब तक 447 होम स्टे स्थापित हो चुके हैं तथा जिम्मेदार पर्यटन के माध्यम से हजारों लोगों को रोजगार से जोड़ने की तैयारी की जा रही है।
कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने हाउसकीपिंग, फूड हाइजिन, विदेशी पर्यटकों के लिए आवश्यक प्रक्रियाओं तथा बैंक ऋण योजनाओं की जानकारी दी। समिट में शामिल संचालकों ने अपने अनुभव साझा करते हुए होम स्टे को स्थानीय पर्यटन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए नई संभावनाओं का माध्यम बताया।

