

नर्मदापुरम / राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली एवं मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर के निर्देशानुसार एवं श्रीमती तृप्ति शर्मा प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश के मार्गदर्शन एवं श्रीमान विशेष न्यायाधीश मनोज कुमार के कुशल निर्देशन एवं उपस्थिति में दिनांक 09 मई 2026 को नेशनल लोक अदालत का आयोजन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण नर्मदापुरम द्वारा जिला न्यायालय नर्मदापुरम सहित तहसील न्यायालयों इटारसी, पिपरिया, सोहागपुर, सिवनी मालवा में किया गया। नेशनल लोक अदालत का उद्घाटन एवं शुभारंभ मनोज कुमार विशेष न्यायाधीश द्वारा मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्जवलन कर किया गया।
नेशनल लोक अदालत के उद्घाटन एवं शुभांरभ कार्यक्रम में माननीय विशेष न्यायाधीश मनोज कुमार नर्मदापुरम्, प्रथम जिला न्यायाधीश दिनेश कुमार नोटिया, द्वितीय जिला न्यायाधीश अभिनव कुमार, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट फिरोज अख्तर एवं समस्त न्यायिक अधिकारीगण, विनोद भदौरिया विद्युत विभाग के महाप्रबंधक, अभय सिंह जिला विधिक सहायता अधिकारी, जिला अभियोजन अधिकारी राजकुमार नेमा, मनोज जराठे सचिव अधिवक्ता संघ, अधिवक्तागण, समस्त लीगल एड डिफेंस काउंसिल, विभिन्न विभागों के पदाधिकारीगण, पैनल अधिवक्ता, मीडिएटर एवं न्यायालयीन कर्मचारीगण एवं पक्षकारगण की उपस्थिति में नेशनल लोक अदालत का शुभारंभ किया गया।
नेशनल लोक अदालत में प्रस्तुत होने वाले प्रकरणों के निराकरण हेतु 27 न्यायिक खण्डपीठों का गठन किया गया था। जिनके द्वारा न्यायालयों में रखे गये कुल लंबित प्रकरण 655 में से कुल 655 प्रकरणों का निराकरण किया गया एवं राशि रू. 6,13,94,645/- (छः करोड तेरह लाख चौरानवे हजार छः सौ पैतालीस रू. मात्र) का अवार्ड पारित किया गया। विभिन्न विभागों से संबंधित कुल प्रीलिटिगेशन 435 प्रकरण रखे गये थे, जिसमें कुल 435 प्रकरणों का निराकरण किया गया। जिसमें राशि रू. 90,70,740/- (नब्बे लाख सत्तर हजार सात सौ चालीस रू. मात्र) अवार्ड राशि पारित की गयी, एवं 2200 व्यक्ति लाभान्वित हुये।
जिला विधिक सहायता अधिकारी अभय सिंह ने बताया कि इस लोक अदालत में समस्त न्यायालयों में लंबित कुल 655 प्रकरण निराकृत हुये है। प्रीलिटिगेशन प्रकरणों के कुल 435 प्रकरणों का निराकरण हुआ। इस प्रकार कुल 1090 प्रकरणों का निराकरण हुआ। नेशनल लोक अदालत को सफल बनाने में अधिवक्तागण का सहयोग सराहनीय रहा।मोटर दुर्घटना दावा 16 में से 16 प्रकरण निराकृत
92,90000 /- रूपये के अवार्ड पारित हुआ।
चैक बाउंस के मामलें 192 में से 192 प्रकरण निराकृत
4,172,6946/- रूपये के अवार्ड पारित हुआ।
आपराधिक शमनीय प्रकरण 212 में से 212 प्रकरण
91,0248 /- रूपये के अवार्ड पारित हुआ।
निराकृत
वैवाहिक मामले 76 में से 76 प्रकरणों का निराकरण
17,89,628/- रूपये की वसूली।
विद्युत प्रीलिटिगेशन – 240 प्रकरणों में से 240 निराकृत
15,12,457/-
संपत्तिकर के 98 प्रकरणो से 98 प्रकरणों का निराकृत
37,84,105/-
जलकर के 76 में से 78 प्रकरणों का निराकृत
19,84,550/-
बैंक रिकवरी 21 में से 21 प्रकरणों का निराकृत।
संलग्न विभिन्न न्यायालयों से प्राप्त निराकृत प्रकरणों के संबंध में सफलता की कहानी।

