
नर्मदापुरम / जिले में बड़े स्तर पर संचालित हो रहे म्यूल अकाउंट्स (Mule Accounts) और वित्तीय धोखाधड़ी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक द्वारा सोमवार दिनांक 04/05/2026 को पुलिस कंट्रोल रूम नर्मदापुरम में एक बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में जिला नर्मदापुरम में संचालित 20 प्रमुख बैंकों के वरिष्ठ अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भाग लिया। बैठक का मुख्य उद्देश्य म्यूल अकाउंट्स के माध्यम से हो रही साइबर धोखाधड़ी पर चर्चा करना तथा इनके उन्मूलन हेतु संयुक्त रणनीति तैयार करना था। म्यूल अकाउंट्स अपराधियों द्वारा धोखाधड़ी के लिए उपयोग किए जाने वाले ऐसे बैंक खाते हैं, जिन्हें निर्दोष व्यक्ति अज्ञातवश थोडे पैसों के लालच में आकर वित्तिय धोखाधडी करने वाले अपराधियों को उपलब्ध कराते हैं। बैठक से पूर्व पुलिस अधीक्षक नर्मदापुरम द्वारा सभी बैंकों के अधिकारियों को पिछले तीन माह (03 माह) में खुले हुए संदिग्ध म्यूल अकाउंट्स का विस्तृत डाटा उपलब्ध कराकर उक्त खाते के संबंध में खाता धारक के केव्हायसी फार्म, खाता खुलने की तिथि, अंतिम बैलेंस तथा अन्य प्रासंगिक जानकारी तत्काल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए थे। जिसके तारतम्य में आज इस बैठक का आयोजन किया गया। साथ ही, वित्तीय धोखाधड़ी की शिकायतों पर त्वरित कार्यवाही में आने वाली कठिनाइयों, जैसे खाता सत्यापन में देरी, ट्रांजेक्शन ट्रैकिंग की चुनौतियां तथा अपराधियों द्वारा उपयोग की जाने वाली नई तकनीकों से सभी को अवगत कराया गया। बैंकों और पुलिस विभाग के मध्य बेहतर समन्वय से ही साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण संभव है। बैंकों को अपने खाता धारकों के म्यूल अकाउंट के बारे में अवगत कराने एवं इस प्रकार की किसी भी संदिग्ध गतिविधि से दूर रहने के सूझाव देने हेतु निर्देशित किया गया। उक्त बैठक के दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नर्मदापुरम अभिषेक राजन, बैंक के लीड डिस्ट्रिक्ट मैनेजर सी एम कुमार तथा साइबर सेल की टीम भी उपस्थित रही।

