नर्मदापुरम / शासकीय गृहविज्ञान स्नातकोत्तर अग्रणी महाविद्यालय में दिनांक गुरुवार 23.04.2026 को नारी शक्ति वंदन पखवाड़ा की संख्या में व्याख्यान का आयोजन किया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. श्रीमती कामिनी जैन, नारी शक्ति वंदन कार्यक्रम प्रभारी डॉ. कंचन ठाकुर, कार्यक्रम प्रभारी डॉ. रश्मि श्रीवास्तव, विषय विशेषज्ञ के रूप में कुमारी नैना खत्री ने अपनी गरिमामई उपस्थिति प्रदान की। मां सरस्वती की पूजन की दीप प्रज्जवलन एवं अतिथियों के स्वागत उपरांत कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर आज के मौसम के अनुरूप नारी का आहार विषय पर सारगर्भित जानकारी छात्राओं से साझा की गई। महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. श्रीमती कामिनी जैन ने अपने उद्बोधन में कहा कि स्वास्थ मानव जीवन की महत्वपूर्ण पूंजी है। हमारी संपूर्ण कार्य प्रणाली स्वास्थ्य पर निर्भर करती है हम हमें पोषक तत्वों से युक्त फल सब्जियां एवं भोजन का उपयोग करना चाहिए। कृत्रिम सप्लीमेंट की जगह जगह प्रयास करना चाहिए, कि हमारे शरीर प्राकृतिक पदार्थ से आवश्यक पोषण विटामिन फाइबर्स ग्रहण करें प्राचीन समय से ही कहावत प्रचलित है। स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क निवास करता है यदि हम बेहतर कार्य एवं परिणाम देना चाहते हैं। तो हमें स्वास्थ्यवर्धक खाद्य पदार्थों भोजन का हिस्सा बनना होगा। डॉ. जैन ने महाविद्यालय में प्रारंभ होने वाली परीक्षाओं हेतु छात्राओं का मार्गदर्शन करते हुए कहा कि गर्मियों के मौसम में निर्जलीकरण से बचने के लिए छात्राएं भरपूर पानी एवं जल प्रदान करने वाले फल सब्जियों का प्रयोग करें कोरोना कल में हमने स्वास्थ्य का महत्व जाना है। डॉ. रश्मि श्रीवास्तव ने अपने उद्बोधन में मानसिक तनाव तथा जिला टास्क फोर्स के बारे में बताया की किशोरावस्था में होने वाली मानसिक तनाव को दूर करने के लिए इस फोर्स का गठन किया गया उमंग के टोल फ्री नंबर से अवगत कराते हुए बताया कि स्वास्थ्यवर्धक भोजन व्यायाम तथा सकारात्मक से आप हर परेशानी एवं तनाव पर नियंत्रण प्राप्त कर सकते हैं सकारात्मक से आपकी कार्य क्षमता बढ़ जाती है। विषय विशेषज्ञ कुमारी नैना खत्री ने अपने उद्बोधन में बताया कि वर्तमान की छात्राएं भविष्य की माता हैं महिलाएं घर के काम में अपने स्वास्थ्य एवं भोजन का ध्यान नहीं रखती हैं जो आगे जाकर एनीमिया विटामिन डी की कमी कैल्शियम की कमी के रूप में सामने आती है लगातार शरीर में पोषक तत्वों की कमी शरीर एवं मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित करता है हमें बदलते मौसम के अनुरूप आहार ग्रहण करना चाहिए क्योंकि प्रकृति हमें हर मौसम से लड़ने के लिए एवं रूप प्रतिघात्मक क्षमता बढ़ाने के आहार उपलब्ध कराती है। किशोरावस्था विकास का तीव्र चरण होता है इसमें अधिक ऊर्जा एवं पोषक तत्व की आवश्यकता होती है इस अवस्था में महिलाओं को कुपोषण अल्प पोषण और एवं पोषण की कमी शामिल है। पोषक तत्वों की कमी गंभीर बीमारी का कारण बन जाते हैं, इन बीमारियों से बचने के लिए फाइबर आयरन और कैल्शियम युक्त भोजन का उपयोग करना चाहिए। नारी शक्ति वंदन प्रभारी डॉ. कंचन ठाकुर ने यह पखवाड़ा नारी शक्ति के शारीरिक मानसिक स्वास्थ्य को ध्यान में रखकर व्याख्यान का आयोजन किया। डॉ. रीना मालवीय ने बताया कि परीक्षा के दौरान छात्राएं तनाव अधिक लेती हैं जिनके चलते हुए सुबह का नाश्ता खाना एवं पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं लेती हैं जिससे वह परीक्षा के दौरान बीमार पड़ जाती हैं। कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. रीना मालवीय के द्वारा एवं आभार श्रीमती अंकिता तिवारी द्वारा किया गया। कार्यक्रम में गृहविज्ञान विभाग की सहायक प्राध्यापक श्रीमती मनीष बाघमारे, डॉ. कीर्ति दीक्षित, श्वेता वर्मा, सोनम केवट और भारी संख्या में छात्राएं उपस्थित रही।

