


सिवनी मालवा / नंदरवाड़ा रोड बाईपास पर गुरुवार दोपहर नहर विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए नहर की जमीन पर अतिक्रमण को हटा दिया। यहां पर लोगों ने झोपड़ी बनाकर रह रहे थे। नहर विभाग के कर्मचारियों ने दोपहर को जेसीबी की मदद से 10 से 12 झोपड़ियां तोड़ दी गईं। इससे यहां रह रहे 12 गरीब परिवार बेघर हो गए। कार्रवाई के दौरान परिवारों का घरेलू सामान खुले आसमान के नीचे आ गया। झोपड़ी में रहने वाले नागरिकों ने बताया कि नहर विभाग की टीम गुरुवार दोपहर को अचानक जेसीबी लेकर पहुंची और तोड़फोड़ शुरू कर दी। परिवारों का आरोप है कि विभाग ने बहुत पहले नोटिस दिया था। वे खुद ही झोपड़ी खाली कर सामान समेट रहे थे, लेकिन अधिकारियों ने समय नहीं दिया। जल्दबाजी में घर के साथ घरेलू सामान भी तोड़ दिया गया।
एक पीड़ित महिला ने रोते हुए कहा, “हम मजदूरी कर बच्चों को पाल रहे हैं। नोटिस के बाद सामान समेट रहे थे, पर अधिकारियों ने एक न सुनी। अब मकान और सामान सब तोड़ दिया है। अब खुले आसमान के नीचे हैं, कहां जाएं
वहीं इस मामले में नहर विभाग के अधिकारी प्रमोद कुमार ने बताया कि बाईपास स्थित नहर की जमीन पर अवैध कब्जा था। विभाग तीन बार नोटिस दे चुका है। बार-बार चेतावनी के बाद भी अतिक्रमण नहीं हटाया गया। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर गुरुवार को कार्रवाई की गई।
विभागीय कर्मचारियों के अनुसार, बाईपास की जमीन पर पिछले सालों से झोपड़ी बनाकर लोग रह रहे थे। फिलहाल अतिक्रमण हटा दिया गया है। नहर विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अगर फिर से कोई नहर विभाग की जमीन पर अतिक्रमण करता है तो आगे भी कार्रवाई की जाएगी।

