
सिवनी मालवा / महिला आरक्षण बिल का विरोध कर उसे संसद में गिराना देश की महिलाओ का अपमान है। जबकि महिलाये आज सभी क्षेत्रो मे पुरुषों के बराबर भागीदारी करके देश का नाम रोशन कर रही है। विधेयक को संसद मे गिराने का शिवसेना पुरजोर विरोध करती है। इसके लिए शिवसेना द्वारा यह विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। नगर मे यह विरोध प्रदेश उपाध्यक्ष पिंटू राठौर के नेतृत्व में किया गया। जो शिवसेना प्रदेश प्रमुख राजीव चतुर्वेदी एवं प्रदेश प्रभारी सुरेश गुर्जर के निर्देश पर आयोजित किया गया है। पिंटू राठौर ने कहा कि शिवसेना इस विधेयक को गिराने के फैसले पर गहरा आक्रोश व्यक्त करती है यह बिल देश की महिलाओं को सशक्त बनाने, राजनीति में उनकी भागीदारी बढ़ाने और निर्णय प्रक्रिया में समानता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लाया गया था। बिल के तहत लोकसभा और राज्यसभा में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रावधान था, जिससे देश की आधी आबादी को उचित प्रतिनिधित्व मिल सकता था। पिंटू राठौर ने आगे कहा कि इस ऐतिहासिक बिल को गिराना महिलाओं के सम्मान के खिलाफ है। शिवसेना इस मुद्दे को लेकर पूरे मध्य प्रदेश में व्यापक आंदोलन करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लाए गए इस महत्वपूर्ण बिल का पूर्ण समर्थन करती है। नगर मे यह विरोध प्रदर्शन नगर के गणेश मंदिर से जयस्तम्भ चौक तक शिवसेनिको ने रेली निकालकर विधेयक गिराने वालो के विरोध मे नारे लगाते हुए निकली और जयस्तम्भ चौक पर पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया। विरोध प्रदर्शन मे शिव सेना के नाना भैया, संदेश कुचबंदिया कन्हैया कौशल, राज छत्रीय, अमित राठौर, मंगेश कुचबंदिया, राजू पहलवान, प्रकाश राठोर, समाजसेवी विजय कुचबंदिया, विजय राठौड़, विकास शुक्ला, दीनू राठौर, अशोक जगनोर, आकाश निम्बोदिया, गजा पहलवान सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित थे।

