





नर्मदापुरम / भक्ति, शक्ति और सामाजिक समरसता का अनूठा संगम शनिवार को नर्मदापुरम की गलियों में देखने को मिला। अक्षय तृतीया के पावन पर्व की पूर्व संध्या पर भगवान परशुराम का जन्मोत्सव पूरे शहर में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। सर्व ब्राह्मण समाज के तत्वावधान में आयोजित इस विशाल शोभायात्रा ने पूरे नगर को धर्ममय कर दिया।
सेठानी घाट से हुआ शंखनाद……
कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ पवित्र सेठानी घाट पर माँ नर्मदा के पूजन और भगवान परशुराम की आरती के साथ हुआ। यहाँ से शुरू हुई यात्रा में भारी संख्या में श्रद्धालु केसरिया ध्वज और जयघोष के साथ शामिल हुए।
यात्रा का मार्ग……
यह भव्य जुलूस शहर के हृदय स्थल सेंट्रल बैंक, सराफा बाजार, इंदिरा चौक और सातरास्ता जैसे व्यस्त क्षेत्रों से होता हुआ वापस सेठानी घाट पर समापन हुआ। पूरे रास्ते में भगवान परशुराम के जयकारों और भक्तिमय संगीत ने वातावरण को ऊर्जा से भर दिया।
पुष्प वर्षा से बढ़ा स्वागत का गौरव…..
इस आयोजन की सबसे सुंदर तस्वीर तब सामने आई जब कायस्थ समाज की मातृशक्ति ने शोभायात्रा का स्वागत किया। महिलाओं ने मार्ग में खड़े होकर श्रद्धालुओं पर फूलों की वर्षा की, जो न केवल भव्यता का प्रतीक थी बल्कि समाज की आपसी एकजुटता और प्रेम को भी दर्शाती थी।
सांस्कृतिक धरोहर का प्रदर्शन….
प्रशासन और आयोजकों के अनुसार, यह आयोजन केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं था, बल्कि नर्मदापुरम की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और सामूहिक सहभागिता का जीवंत प्रमाण था। नर्मदापुरम की सड़कों पर उमड़ा यह जनसैलाब समाज की अटूट श्रद्धा और एकता का परिचायक है।

