
नर्मदापुरम / शहर की प्रतिष्ठित ‘रिवर व्यू कॉलोनी’ में कॉलोनी प्रबंधन और रहवासियों के बीच विवाद गहरा गया है। कॉलोनी प्रबंधन पर आरोप है कि उन्होंने बिना किसी पूर्व सूचना के अचानक विद्युत मीटर निकाल दिया, जिससे पूरी कॉलोनी की सार्वजनिक बिजली व्यवस्था ठप हो गई है। वर्तमान में जारी भीषण गर्मी के बीच इस कृत्य को रहवासियों ने ‘अमानवीय’ और ‘तानाशाही’ करार दिया है।
नियमित बिल भुगतान के बावजूद कार्रवाई…..
रहवासी समिति के सदस्यों का कहना है कि विगत तीन माह से समिति द्वारा उक्त मीटर का बिजली बिल IVRS नंबर के माध्यम से नियमित रूप से भरा जा रहा है। इसके बावजूद प्रबंधन ने अचानक मीटर हटाकर जन-सुविधाओं में बाधा उत्पन्न की है। समिति ने स्पष्ट किया कि नए मीटर के लिए आवेदन पहले ही दिया जा चुका है और प्रक्रिया जारी है, ऐसे में इस तरह की कार्रवाई दुर्भावनापूर्ण प्रतीत होती है।
सुरक्षा पर गहराया संकट……
कॉलोनी में अंधेरा होने के कारण बुजुर्गों और नागरिकों के सुबह-शाम भ्रमण के दौरान दुर्घटनाओं का भय बना हुआ है। रहवासियों ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि इस कॉलोनी में पूर्व अपर कलेक्टर, न्यायाधीश और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों जैसे गणमान्य नागरिक निवास करते हैं, उनके साथ भी इस तरह का गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार प्रबंधन की संवेदनहीनता को दर्शाता है।
प्रशासनिक और कानूनी कदम की तैयारी…….
समिति इस मामले को लेकर अब आर-पार की लड़ाई के मूड में है। इस कृत्य की लिखित शिकायत जल्द ही कलेक्टर, कमिश्नर, एसडीएम और रेरा (RERA) को सौंपी जाएगी ताकि दोषियों पर वैधानिक कार्रवाई की जा सके।
इनका कहना….
विद्युत कम्पनी के शिकायत नं. 1912 पर आधिकारिक शिकायत दर्ज करानी चाहिए। बिजली सप्लाई क्यों और किस कारण से बंद की गई है, इसकी जांच की जाएगी। विभाग के कर्मचारियों द्वारा मीटर निकाले जाने के कारणों का पता लगाकर ही आगे की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।”
दीपक मिश्रा, अधिकारी, विद्युत वितरण कंपनी, नर्मदापुरम।

