

सिवनी मालवा / राज्य सरकार के साथ शिक्षकों के संयुक्त मोर्चे की बैठक बेनतीजा रही है। इस बैठक में संयुक्त मोर्चा की किसी भी मांग पर ठोस निर्णय नहीं लिया जा सका है। इसके चलते संयुक्त मोर्चा ने 18 अप्रैल को भोपाल भेल स्थित दशहरा मैदान में प्रस्तावित मुख्यमंत्री अनुरोध यात्रा एवं धरना प्रदर्शन कार्यक्रम में कोई बदलाव नहीं करने का निर्णय लिया है। इस संबंध में अध्यापक संयुक्त मोर्चा के सदस्य राममोहन रघुवंशी ने बताया कि शासन के आमंत्रण पर पर प्रथम चरण की बातचीत स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह से उनके निवास पर तथा दूसरे चरण की बातचीत आयुक्त लोक शिक्षण अभिषेक सिंह, संचालक के के द्विवेदी एवं संयुक्त संचालक धर्मेंद्र शर्मा के साथ लोक शिक्षण संचालनालय में की गई थी।
इस दौरान मोर्चा प्रतिनिधिमंडल ने प्रमुख रूप से शिक्षक पात्रता परीक्षा आदेश को निरस्त करने तथा नए शिक्षक संवर्ग की सेवा अवधि की गणना प्रथम नियुक्ति दिनांक से किए जाने की मांग रखी। इन दोनों महत्वपूर्ण मांगों पर शासन की ओर से कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया। शिक्षक पात्रता परीक्षा के संबंध में आयुक्त द्वारा केवल यह बताया गया कि इस विषय पर शासन स्तर पर पुनर्विचार या इसी कदर करने की प्रक्रिया पर विचार किया जा रहा है तथा विधि विशेषज्ञों से परामर्श लिया जा रहा है। किंतु याचिका दायर करने की कोई समय सीमा स्पष्ट नहीं की गई। साथ ही शिक्षक पात्रता परीक्षा से संबंधित स्थिति स्पष्ट करने के लिए विभाग में एक सेल गठित करने का आश्वासन दिया गया। शासन की ओर से ठोस निर्णय नहीं लिए जाने पर मोर्चे ने 18 अप्रैल को भोपाल में प्रस्तावित मुख्यमंत्री अनुरोध यात्रा एवं धरना प्रदर्शन का बगैर बदलाव की चालू रखने का निर्णय लिया गया है। इस बातचीत में संयुक्त मोर्चा के संयोजक मंडल के सदस्य राकेश दुबे, जगदीश यादव, भरत पटेल, मनोहर प्रसाद दुबे, डी के सिंगौर, परमानंद डहरिया, राकेश नायक, शिल्पी सिवान, राकेश पटेल, राम शंकर पांडे, शालिग्राम चौधरी, परसराम कपाड़िया, विश्वेश्वर झरिया, सत्येंद्र तिवारी, राजेश मिश्रा सहित अनेक सदस्य उपस्थित थे। मध्य प्रदेश में डेढ़ लाख शिक्षकों की नौकरी पर असर डालने वाली शिक्षक पात्रता परीक्षा को लेकर स्कूल शिक्षा विभाग ने नया आदेश जारी करने की बात कही है। लोक शिक्षण आयुक्त अभिषेक सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि नए आदेश में शिक्षक पात्रता परीक्षा की अनिवार्यता और छूट की स्थिति स्पष्ट की जाए आयुक्त ने कहा है कि नए आदेश में यह स्पष्ट किया जाएगा कि किन शिक्षकों के लिए पात्रता परीक्षा अनिवार्य होगी और किन्हे नियमानुसार छूट या सरलीकरण मिलेगा विभाग ने बताया कि मामले में शासकीय अधिवक्ता से अभि मत प्राप्त करने की प्रक्रिया चल रही है। अभिमत मिलने के बाद सर्वोच्च न्यायालय में पुनर्विचार याचिका दायर की जाएगी। बैठक में यह तय हुआ कि जिन शिक्षकों को वेतन वृद्धि और समयमान वेतनमान का लाभ मिलना है उनके प्रकरणों में शीघ्र कार्यवाही कर आदेश जारी किए जाएंगे यदि सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश यथावत रहते हैं तो परीक्षा में शामिल होने वाले शिक्षकों के लिए तहसील और विकासखंड स्तर पर प्रशिक्षण एवं सिलेबस आधारित मार्गदर्शन कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे बैठक में तय हुआ कि शिक्षकों की लंबित समस्याओं के समाधान के लिए डीपीआई स्तर पर परामर्श शास्त्री समिति की बैठक आयोजित की जाएगी। नर्मदा पुरम जिले से राजेश पांडे, महेश विश्वकर्मा, राकेश साहू, हरि परेवा, भागीरथ योगी लोकेश गौर, राकेश पवार आदि ने कार्यक्रम को सफल बनाने के अपील की है।

