

नर्मदापुरम / भारतीय जनता पार्टी जिला नर्मदापुरम द्वारा सोमवार को जिला भाजपा जिला कार्यालय में नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2026 को लेकर भाजपा प्रदेश प्रवक्ता मंजरी जैन ने प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि देश में महिलाओं को राजनीतिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए केंद्र सरकार ने ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ लागू किया है। इस महत्वपूर्ण निर्णय को देश के लोकतांत्रिक इतिहास का स्वर्णिम अध्याय माना जा रहा है, जिसका लंबे समय से इंतजार किया जा रहा था।
यह अधिनियम महिलाओं को लोकसभा और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण प्रदान करता है, जिससे वे नीति-निर्माण और नेतृत्व की मुख्यधारा में अपनी प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित कर सकेंगी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में लिया गया यह निर्णय महिलाओं को ‘वोट बैंक’ की सोच से बाहर निकालकर उन्हें देश का भाग्य विधाता बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
नए संसद भवन के पहले सत्र में इस अधिनियम को प्राथमिकता देना इस बात का संकेत है कि ‘नया भारत’ महिलाओं के नेतृत्व को सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार का लक्ष्य है कि वर्ष 2029 तक संसद में 33 प्रतिशत सीटों पर महिलाओं की मजबूत उपस्थिति सुनिश्चित हो।
उन्होंने वार्ता में संबोधित करते हुए कहा कि कांग्रेस की भूमिका को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। कांग्रेस ने दशकों तक महिला आरक्षण को केवल राजनीतिक मुद्दा बनाकर रखा और सत्ता में रहते हुए भी इसे लागू करने की गंभीर पहल नहीं की।
1996 से 2014 के बीच यह विधेयक कई बार चर्चा में आया, लेकिन ठोस निर्णय नहीं हो सका। वर्ष 2010 में राज्यसभा से पारित होने के बावजूद इसे लोकसभा में पेश नहीं किया गया।
महिला सशक्तिकरण में सरकार के प्रयास….
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की केंद्र सरकार द्वारा पिछले वर्षों में महिला सशक्तिकरण को लेकर कई योजनाएं चलाई गई हैं। इनमें शौचालय निर्माण, उज्ज्वला योजना, जनधन खाते, मुद्रा योजना और स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से आर्थिक सशक्तिकरण जैसे कदम शामिल हैं।
सरकार के अनुसार, इन योजनाओं के चलते महिलाओं की सामाजिक और आर्थिक स्थिति में व्यापक सुधार हुआ है। शिक्षा, विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में भी महिलाओं की भागीदारी लगातार बढ़ रही है। देश ने हाल ही में राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मु के रूप में पहली आदिवासी महिला राष्ट्रपति का चयन कर नारी शक्ति के सम्मान को नई ऊंचाई दी है। इस दौरान उन्होंने कहा कि महिलाओं की बढ़ती भागीदारी से संसद और विधानसभाओं की कार्यप्रणाली में सकारात्मक बदलाव आएगा। इससे नीतियों और कानूनों में अधिक संवेदनशीलता और व्यापकता देखने को मिलेगी।
इस दौरान जिलाध्यक्ष प्रीति शुक्ला, जिला महामंत्री ज्योति चौरे, नगर पालिका अध्यक्ष नीतू महेन्द्र यादव, महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष अर्चना पुरोहित, वंदना दुबे, चंचल राजपूत, निर्मला राय, बिंदिया माझी, नयना सोनी, सिमरन रैकवार, मुकेश चंद्र मैना, लोकेश तिवारी, प्रशांत दीक्षित, जिला मीडिया प्रभारी अमित महाला, गजेन्द्र चौहान, राहुल ठाकुर, राहुल पटवा, दिनेश चौधरी, दुर्गेश मिश्रा, राजेश रायकवार आदि कार्यकर्ता उपस्थित थे।

