

सिवनी मालवा / देश में शिक्षा का अर्थ अब केवल पुस्तकों तक सीमित नहीं रहा बदलते वक्त के साथ केंद्र और राज्य सरकार यह सुनिश्चित करने में जुटी है कि स्कूल से निकलने वाला हर विद्यार्थी न केवल पढ़ा लिखा हो बल्कि रोजगार के योग्य भी हो इस दिशा में मध्य प्रदेश शिक्षा विभाग की एक महत्वाकांक्षी पहला व्यवसायिक शिक्षा कार्यक्रम राज्य भर के लाखों छात्र-छात्राओं के भविष्य को नई दिशा दे रही है। शिक्षा विभाग मध्य प्रदेश के अतिरिक्त संचालक एवं संयुक्त संचालक लोक शिक्षण नर्मदा पुरम मनीष वर्मा के अनुसार सरकार की मनसा स्पष्ट है कि स्कूल की पढ़ाई के साथ-साथ विद्यार्थियों को इतना दक्ष बनाया जाए कि वह सरकारी नौकरी के भरोसे ना रहे, बल्कि अपनी क्षमता के आधार पर स्वरोजगार भी शुरू कर सके। हम चाहते हैं की कक्षा नौवीं से ही बच्चे व्यावसायिक शिक्षा में जुड़े और 12वीं तक पहुंचते पहुंचते उनके पास एक ठोस कौशल हो। वर्ष 2025-26 की स्थिति के अनुसार मध्य प्रदेश में कुल 3367 स्कूलों में व्यावसायिक शिक्षा लागू की जा चुकी है। इनमें 3138 उच्चतर माध्यमिक विद्यालय हैं, जहां 22 व्यावसायिक ट्रेड संचालित हो रहे हैं जबकि 229 हाई स्कूलों में एक-एक ट्रेड चलाए जा रहे है। इन स्कूलों में 2629 समग्र शिक्षा अभियान के तहत 648 पीएम श्री योजना के अंतर्गत और 90 स्कूल स्टार स्कीम के अंतर्गत स्वीकृत है। राज्य में कुल 5,95,546 छात्र-छात्राएं विभिन्न व्यावसायिक ट्रेड और जाब रोल में नामांकित है। यह आंकड़ा इस बात का प्रमाण है कि व्यावसायिक शिक्षा अब सामान्य शिक्षा धारा के समानांतर एक मुख्य धारा बन चुकी है। छात्रों और अभिभावकों के लिए है फायदा- जो विद्यार्थी कक्षा आठवीं पास करके नवीन में प्रवेश लेते हैं। उनके लिए यह जानना बेहद जरूरी है कि उनकी स्कूल में कौन-कौन से व्यावसायिक ट्रेड उपलब्ध है। स्कूल में बच्चों की रुचि के अनुसार उसे पसंदीदा ट्रेड दिलवाने की व्यवस्था है। व्यावसायिक शिक्षा का मुख्य उद्देश्य छात्र-छात्राओं में विद्यालय स्तर से ही कौशल विकास को बढ़ावा देना है। अपर संचालक द्वारा बताया गया कि इसके प्रमुख लाभ स्कूल की पढ़ाई के साथ-साथ व्यवसायिक प्रमाण पत्र 12वीं के बाद सीधे रोजगार पाने की क्षमता स्वरोजगार शुरू करने का आत्मविश्वास 17 सेक्टर स्किल काउंसलिंग से संबंध ग्रामीण और अर्ध शहरी क्षेत्र के बच्चों के लिए प्रमुख अवसर आदि शामिल है। हमारा लक्ष्य की मध्य प्रदेश का हर सरकारी स्कूल एक स्किल हब बने स्कूल केवल डिग्री देने का माध्यम नहीं बल्कि जीवन जीने की क्षमता देने का केंद्र बने, इसके लिए हम एन, एस, डी, सी सेक्टर स्किल काउंसलिंग और उद्योग जगत के साथ निरंतर समन्वय कर रहे हैं।

