

नर्मदापुरम / नर्मदा की पावन धरा को स्वच्छ और सुंदर बनाने के संकल्प के साथ अखिल भारतीय कायस्थ समाज की मातृशक्ति और पदाधिकारियों द्वारा स्थानीय चित्रगुप्त घाट पर एक विशेष स्वच्छता अभियान चलाया गया। चिलचिलाती धूप और भीषण गर्मी की परवाह किए बिना समाज के सदस्यों ने न केवल घाट की सफाई की, बल्कि वहां बिखरे कचरे को चुनकर डस्टबिन के हवाले भी किया।
प्रमुख सहभागित……
इस पुनीत कार्य में कायस्थ समाज के जिला और स्थानीय स्तर के अनेक गणमान्य नागरिकों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से डॉक्टर दिव्य प्रकाश श्रीवास्तव, अध्यक्ष राजेंद्र श्रीवास्तव, नगर पालिका उपाध्यक्ष अभय वर्मा, मातृशक्ति अध्यक्षज्योति वर्मा साथ ही केशव देव वर्मा, सी.बी. खरे, लालता प्रसाद, आदित्य, विजय वर्मा, मनोज वर्मा, मंजू श्रीवास्तव, प्रीति खरे, ममता तिवारी, नेहा श्रीवास्तव, अदिति वर्मा, अनीति वर्मा, रितु श्रीवास्तव और रश्मि वर्मा सहित समाज के अनेक उत्साही कार्यकर्ता मौजूद रहे।
नर्मदा सेवा ही सबसे बड़ा पुण्य”- राजेंद्र श्रीवास्तव….
अभियान के दौरान कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ाते हुए अध्यक्ष राजेंद्र श्रीवास्तव ने कहा कि मां नर्मदा हम सभी की जीवनदायिनी हैं। उन्होंने मातृशक्ति की सराहना करते हुए कहा कि इतनी भीषण गर्मी में भी माताओं-बहनों द्वारा घाटों से कचरा चुनना और स्वच्छता का संदेश देना वास्तव में वंदनीय है। हमारा लक्ष्य नर्मदापुरम को स्वच्छता के पायदान पर ‘नंबर वन’ बनाना है। मैं स्वयं इस अभियान का हिस्सा बनकर गौरवान्वित महसूस कर रहा हूँ।”
तीन वर्षों से जारी है निरंतर सेवा…..
नगर पालिका उपाध्यक्ष अभय वर्मा ने इस अवसर पर बताया कि स्वच्छता का यह संकल्प नया नहीं है। उन्होंने कहा, “हम पिछले 3 वर्षों से अधिक समय से निरंतर घाटों की सफाई का कार्य कर रहे हैं। खुशी की बात यह है कि अब अन्य समाजों के लोग भी इस मुहिम से जुड़ रहे हैं।” उन्होंने घाट पर आने वाले श्रद्धालुओं और आम जनता से भावुक अपील करते हुए कहा कि मां नर्मदा के दर्शन मात्र से ही सारे कार्य सिद्ध हो जाते हैं, इसलिए हमारा नैतिक दायित्व है कि हम घाटों पर गंदगी न फैलाएं और माँ को स्वच्छ रखने में सहयोग करें।
इस अभियान ने यह स्पष्ट कर दिया कि यदि समाज एकजुट होकर प्रयास करे, तो पर्यावरण संरक्षण का लक्ष्य कठिन नहीं है। कायस्थ समाज का यह प्रयास पूरे नगर के लिए एक प्रेरणा बन गया है।

