
सिवनी मालवा / नर्मदापुरम जिले कि तहसील सिवनी मालवा फ्रेंड्स चर्च सिवनी मालवा में गुड फ्राइडे पर शोक(शांति) सभा आयोजित की गई। फ्रेंड्स चर्च में विशेष प्रार्थना कर यीशु मसीह के बलिदानों को याद किया गया एवं यीशु मसीह कि जो क्रूस पर कि वाणियों को पडा और याद किया गया। चर्च दोपहर 12 से लेकिन दोपहर 3 बजे तक लगाया गया एवं बड़ी संख्या में विश्वासी उपस्थित रहे। गुड फ्राइडे (Good Friday) ईसाई धर्म के अनुयायियों द्वारा प्रभु यीशु मसीह (Jesus Christ) के सर्वोच्च बलिदान, प्रेम और क्षमा को याद करने के लिए मनाया जाता है। इस दिन ईसा मसीह को यरूशलेम में क्रूस पर चढ़ाया गया था, जिसे ईसाई समाज उनके द्वारा मानवता के पापों को धोने और उद्धार के लिए उनके बलिदान के रूप में श्रद्धापूर्वक याद करता है। यीशु मसीह ने क्रूस पर अपनी मृत्यु से पूर्व सात अंतिम वाक्य (सात वाणियां) कहे, जो क्षमा, उद्धार, प्रेम, पीड़ा, और परमेश्वर के प्रति समर्पण को दर्शाते हैं। ये कथन उनके दिव्य मिशन और मानवता के प्रति प्रेम का प्रमाण हैं, जो मुख्य रूप से लूका और यूहन्ना के सुसमाचारों में वर्णित हैं।
क्रूस पर यीशु की सात अंतिम वाणियां…….
क्षमा “हे पिता, इन्हें क्षमा कर, क्योंकि ये नहीं जानते कि क्या कर रहे हैं” (लूका 23:34)
उद्धार “मैं तुझ से सच कहता हूँ, कि आज ही तू मेरे साथ स्वर्गलोक में होगा” (लूका 23:43)।
प्रेम/संबंध “हे नारी, देख, यह तेरा पुत्र है!” और शिष्य से कहा, “यह तेरी माता है!” (यूहन्ना 19:26-27)
परित्याग/दुःख “एली, एली, लामा सबाखथानी?” अर्थात, “हे मेरे परमेश्वर, हे मेरे परमेश्वर, तूने मुझे क्यों छोड़ दिया?” (मत्ती 27:46)।
शारीरिक पीड़ा “मैं प्यासा हूँ” (यूहन्ना 19:28)।
विजय “पूरा हुआ!” (यूहन्ना 19:30)।
समर्पण “हे पिता, मैं अपनी आत्मा तेरे हाथों में सौंपता हूँ” (लूका 23:46)।
गुड फ्राइडे क्यों मनाया जाता है? (मुख्य कारण)
यीशु का बलिदान यह दिन प्रभु यीशु के दुःखभोग (Passion) और क्रूस पर उनकी मृत्यु की याद दिलाता है। ईसाई मान्यता के अनुसार, यीशु ने मानवता के पापों के लिए खुद को बलिदान कर दिया।
प्रेम और क्षमा का संदेश क्रूस पर चढ़ाए जाने के दौरान भी यीशु ने अपने हत्यारों के लिए ईश्वर से प्रार्थना की, “हे पिता, इन्हें माफ़ कर, क्योंकि ये नहीं जानते कि ये क्या कर रहे हैं”।
पवित्र शुक्रवार इसे ‘ब्लैक फ्राइडे’ या ‘पवित्र शुक्रवार’ भी कहा जाता है। यह दिन ईस्टर संडे (यीशु का पुनर्जीवित होना) से पहले आता है।
शोक और आत्मचिंतन यह उत्सव का दिन नहीं, बल्कि शोक, उपवास और आत्मचिंतन का दिन है, जो त्याग की भावना को दर्शाता है।
गुड फ्राइडे से जुड़ी परंपराएं….
चर्च में विशेष प्रार्थना और सेवाएँ आयोजित की जाती हैं, और यीशु मसीह कि सात वाणियों को पड़ा जाता है एवं याद किया जाता है जो आमतौर पर दोपहर 12 बजे से 3 बजे (जब यीशु क्रूस पर थे) तक होती हैं।
इस दिन चर्च की घंटियाँ नहीं बजाई जातीं, बल्कि लकड़ी के खटखटे का उपयोग किया जाता है।
श्रद्धालु चर्च जाकर यीशु के बलिदान को याद करते हैं और अपने पापों के लिए क्षमा मांगते हैं।
गुड फ्राइडे का दिन मानवता को प्रेम, क्षमा, और निःस्वार्थ सेवा का संदेश देता है, और यह विश्वास दिलाता है कि बुराई पर अच्छाई की जीत होती है।

