
नर्मदापुरम / शासकीय गृहविज्ञान स्नातकोत्तर अग्रणी महाविद्यालय में शनिवार को भूतपूर्व छात्र मिलन की समारोह का आयोजन किया गया। भूतपूर्व छात्राओं द्वारा महाविद्यालय की छात्राओं को वाटर कूलर प्रदान किया गया। नर्मदा एजुकेशन सोसाइटी द्वारा गृहविज्ञान की 12 छात्राओं से प्रारंभ किया गया था। महाविद्यालय की फाउंडर पी टाइट्स थी। महाविद्यालय प्रारंभ होने के पश्चात छात्राओं ने हर क्षेत्र में सफलता के परचम लहराया हैं। विभिन्न प्रशासनिक क्षेत्रों, निजी क्षेत्रों, लघु कुटीर उद्योग यहां तक की इसरो में महाविद्यालय की छात्राओं ने दस्तक दी है। वर्तमान में महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. श्रीमती कामिनी जैन, वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. भारती दुबे, डॉ. पुष्पा दुबे, डॉ. संगीता अहिरवार, डॉ. संध्या राय, डॉ. श्रुति गोखले, डॉ. रागिनी सिकरवार महाविद्यालय में सेवाएं प्रदान कर छात्राओं की मार्गदर्शन बनी हुई है। महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. श्रीमती कामिनी जैन में महाविद्यालय की भूतपूर्व छात्राओं का स्वागत करते हुए कहा कि गृह विज्ञान महाविद्यालय योग्य छात्राओं रूपी रत्नों का समुद्र रहा है। सन 1961 में प्रारंभ किए गए इस महाविद्यालय में गृह विज्ञान विषय की 15 छात्राएं अध्यनरत थी वर्तमान में लगभग 5000 छात्राएं महाविद्यालय के विभिन्न संकायों में अध्यनरत है। गृह विज्ञान महाविद्यालय सफल भविष्य निर्माण की कुंजी बन गया है। छात्राओं की उन्नति एवं प्रगति के लिए सदा तत्पर रहने वाला महाविद्यालय परिवार एकजुट होकर कार्य करता है, परिणामस्वरुप छात्राओं का प्रतिवर्ष विभिन्न पदों पर नियुक्तियां, व्यवसाय, निजी क्षेत्र में नियुक्ति, जेआरएफ, आरडीसी तक छात्राओं का जाना, गुणवत्तापूर्ण परीक्षा परिणाम, खेल, जे आर आफ, नेट में चयन, सहायक अध्यापक में चयन, पुलिस परीक्षा में चयन, विभिन्न प्रतियोगिता में सफलता, इस टीमवर्क का परिणाम है। महाविद्यालय का बृहद पुस्तकालय, कंप्यूटर लैब, लैंग्वेज लैब, विवेकानंद मार्गदर्शन प्रकोष्ठ , विभिन्न विषयों में शोध केंद्र, गांधी अध्ययन केंद्र, डिजिटल स्टूडियो, इतिहास पुरातत्व विभाग संग्रहालय, डिजिटल स्टूडियो, सर्वसुविधा युक्त छात्रावास, युवा केंद्र, एनसीसी, एनएसएस, वर्मी कंपोस्ट, मशरूम इकाई, संगीत विभाग छात्राओं के सर्वांगीण विकास में मजबूत आधार का काम कर रहे हैं। महाविद्यालय पढ़ती नारी बढ़ता राष्ट्र की थीम पर न सिर्फ काम कर रहा है वरन् प्रतिवर्ष उत्तरोत्तर परिणाम भी प्रदान कर रहा है। कार्यक्रम का सफल संचालक डॉ. भारती दुबे ने एवं आभार डॉ. संगीता अहिरवार ने किया। भूतपूर्व छात्राओं ने महाविद्यालय का भ्रमण किया एवं छात्रावास और विभिन्न विभागों को देखकर अत्यंत प्रफुल्लित हुई। महाविद्यालय पधारी हुई भूतपूर्व छात्राओं को प्राचार्य द्वारा प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।

