
नर्मदापुरम / पिपरिया के अपराध के अंतर्गत धारा 302,341,34 भारतीय दण्ड संहिता 1860 एवं धारा 3(2) (v) अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम 1980 में के आधार पर पंजीबद्ध प्रकरण दिनांक 26.03.2026 को विशेष न्यायालय द्वारा अंतर्गत धारा 14 (1) अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम 1989 नर्मदापुरम विशेष न्यायाधीश मनोज कुमार के न्यायालय में निर्णय पारित किया गया। जिसमें अभियुक्तगण रीना यादव एवं राजेश यादव को आजीवन कारावास 9000-9000 रूपये अर्थदंड से दंडित किया गया। प्रकरण में शासन की ओर से पैरवी अपर लोक अभियोजक विशेष न्यायालय (एट्रोसिटीज) सत्येन्द्र सिंह पटेल द्वारा की गई। घटना इस प्रकार है कि दिनांक 07.07.2023 को फरियादी अनूप बरखने ने डीएसपीएम अस्पताल इटारसी में इस आशय की देहाती रिपोर्ट दर्ज कराई कि वह ग्राम मोहारी में रहता है, खेती मजदूरी करता है ये तीन भाई है। बडा भाई ओमकार उससे छोटा फरियादी तथा सबसे छोटा कमलेश उम्र 35 वर्ष है। कमलेश डोलरिया में मोबाईल रिपेयरिंग की दुकान चलाता है तथा वह गांव के राजेश यादव की पत्नि रीना यादव से बात करता था। इसलिये राजेश यादव कमलेश पर शंका करता था। इसी बात को लेकर तीन माह पहले राजेश यादव व कमलेश की बीच झगडा भी हुआ था। दिनांक 07.07.23 को सुबह करीब 9 बजे वह तथा कमलेश घर से दुकान का सामान लेने इटारसी आये थे और कारीब 01.30 बजे इटारसी से डोलरिया के लिये कमलेश की मोटर साईकिल एमपी05 – एमजे – 9783 से निकले थे। लगभग 01.45 बजे भीलाखेडी से डोलरिया की ओर जाने वाले मुख्य मार्ग किशनदास के खेत बिजली के खंबे के पास पहुंचे वहां डोलरिया तरफ से उसके गांव का राजेश यादव और उसकी पत्नि रीना यादव मोटरसाईकिल से आते दिखे। राजेश ने उसकी मोटर साईकिल उनकी मोटरसाईकिल के सामने अड़ा दी तब दोनों भाई के उतरते ही राजेश ने उसकी मोटर साईकिल से लोहे का धारदार दरांता जिसमें लकडी की मूठ लगी थी निकाला और कमलेश को तू बहुत मर्द बना है। कहते हुए दरांते को कमलेश के सिर पर मारा वह बचाने गया तो राजेश व उसकी पत्नि उसकी तरफ मारने दौडे तो यह जान बचाकर वहां से भागकर झाडी के पीछे छुपकर देखता रहा। राजेश की पत्नि रीना कमलेश को लात घूसो से मार रहीं थी और राजेश दरांते से कमलेश के उपर लगातार 20-22 घाव मारे जिससे कमलेश वहीं पर पड़ा रहा। फिर राजेश ने अपनी पत्नि के साथ मिलकर कमलेश को घसीट कर झाडी में फेक दिया और रीना को मोटर साईकिल पर बैठाकर इटारसी तरफ चले गए । फरियादी ने झाडी से निकलकर आकर देखा और कमलेश को झाडियों से निकाला तभी पुलिस की गाडी आई। जिसमें डालकर कमलेश को सरकारी अस्पताल इटारसी लाये जहां डाक्टर ने चेक कर उसकी मृत्यु होना बताया। घटना आने जाने वालो ने देखी है। फरियादी की सूचना के आधार पर अपराध क्रमांक 108/2023 धारा 302,341,34 भादसं एवं धारा 3(2) (v) अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम 1989 के तहत अपराध दर्ज किया गया। जिसका अभियोग पत्र विशेष न्यायालय नर्मदापुरम के समक्ष पेश किया गया। जहां प्रकरण का विचारण किया गया विचारण के दौरान अभियोजन की ओर से 18 साक्षियों के कथन कराए एवं 36 दस्तावेजों एवं जप्तशुदा 15 सामग्रियों को न्यायालय के समक्ष प्रमाणित कराया गया। इस आधार पर विशेष न्यायाधीश मनोज कुमार द्वारा सभी आरोपीगणों को आजीवन कारावास और अर्थदंड से दंडित किया गया ।

