
नर्मदापुरम / जिले के माखननगर तहसील के शुक्करवाड़ा कलां क्षेत्र में सिंचाई विभाग की गंभीर लापरवाही ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया। तवा नहर से अनियंत्रित तरीके से छोड़े गए पानी के कारण करीब 35 से 40 एकड़ कृषि भूमि जलमग्न हो गई, जिससे 10 से अधिक किसानों की मूंग की तैयार फसल पूरी तरह नष्ट हो गई।
रात से चेतावनी, लेकिन कार्रवाई शून्य…..
पीड़ित किसान अनिल गौर के मुताबिक, शुक्रवार रात से ही नहर का पानी खेतों में घुसना शुरू हो गया था। किसानों ने तुरंत संबंधित सब-इंजीनियर, एसडीओ और ईई को इसकी सूचना दी।
हालांकि, अधिकारियों ने लगातार पानी रोकने का भरोसा दिया, लेकिन मौके पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। नतीजतन, सुबह तक हालात बेकाबू हो गए और बड़ी मात्रा में खेत डूब गए।
इन किसानों को हुआ नुकसान……
इस घटना में प्रभावित किसानों में पार्वती बाई, संतोष रमेश, शिशुपाल दरयाव सिंह, सरस्वती रमेश, शैलेंद्र गौर, जुगल किशोर गौर, विष्णु पन्नालाल, ऋषि चुनटी लाल, रविंद्र मुकुंद सिंह, अनिल गौर, रामकुमार, विजय शंकर गौर और अनिल कुमार शामिल हैं।
सभी किसानों की मूंग की फसल पूरी तरह बर्बाद हो चुकी है।
पहले भी हो चुकी है ऐसी घटना……
किसानों ने बताया कि यह पहली बार नहीं है। पिछले वर्ष भी इसी तरह की लापरवाही के कारण गेहूं की फसल खराब हुई थी। बावजूद इसके, सिंचाई विभाग ने न तो कोई स्थायी समाधान किया और न ही जिम्मेदारों पर कार्रवाई की।
जिम्मेदार अधिकारी टालते रहे जवाब……
जब इस मामले में तवा नहर विभाग की ईई प्रतिभा सिंह से संपर्क किया गया, तो उन्होंने केवल इतना कहा कि पानी का फ्लो कम किया जा रहा है। ओवरफ्लो के कारणों पर सवाल पूछे जाने पर उन्होंने स्पष्ट जवाब देने के बजाय फोन काट दिया।
वहीं, एसडीओ पी.एन. दायमा ने माना कि अधिक पानी छोड़े जाने और निगरानी में कमी के चलते यह स्थिति बनी। उन्होंने दावा किया कि हालात को जल्द नियंत्रित कर लिया जाएगा।
अन्य खेतों पर भी मंडरा रहा खतरा……
स्थानीय किसानों का कहना है कि यदि पानी का बहाव तुरंत नहीं रोका गया, तो आसपास के और खेत भी जलमग्न हो सकते हैं।
किसानों ने सिंचाई विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए मुआवजे और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है।

