नर्मदापुरम / जीला ग्राम पगढाल में चल रही महा शिवपुराण में पंडित ललित किशोर दाधीच ने कहा शिव ही उत्सव है शिव के बिना जीवन व्यर्थ है भोले बाबा को भस्म प्रिय है। इसका अर्थ है संसार एक दिन भस्मी में रूप होगा। जीवन भगवान के नाम करो अपने कर्म में शुद्धता लाना ही शिवपूजन है। कर्म शुद्ध होंगे तो जीव बंधन में नहीं बधेगा संत महात्मा शरीर में भस्म लगाते हैं। इसका अर्थ है जीवन भगवान के नाम कर दिया गले में सर्प धारण करने का अर्थ है। अपनी वाणी पर नियंत्रण रखना चाहिए शब्द ही जहर है शब्द ही अमृत है मुंह से निकल गए। शब्द जहर बन जाते हैं और वह अमृत भी बन जाते हैं। सती अनसूया चरित्र में आज यह प्रसंग सुनाया नई में कितनी बड़ी शक्ति है धर्म पर चलने वाली स्त्री को भगवान भी बंधन करते हैं। ब्रह्मा विष्णु महेश बालक बनकर आए मां को वात्सल्य सुख प्रदान किया। 12 जोत ज्योतिर्लिंग कथा के अंतर्गत सोमनाथ महादेव की कथा सुना कर लाभ प्रदान किया। ग्रामीण अंचल से पधारी हुई जनता ने पूर्ण लाभ लेकर आयोजन भगवान यादव को धन्यवाद दिया। अपने पूज्य पिताजी स्वर्गीय रमेश जी यादव की पुण्य स्मृति में भागवत शिव पुराण रखी गई है, जिसका समापन 13 मार्च को होगा।

