
नर्मदापुरम / जीवन के महत्वपूर्ण वर्षों को न्याय की सेवा में समर्पित करने के पश्चात सुनील कुमार गुर्जरवाल अपने कार्यक्षेत्र से सेवानिवृत्त होकर जब गृह नगर लौटे, तो उनका स्वागत किसी उत्सव से कम नहीं था। हरदा न्यायालय में उप प्रशासनिक अधिकारी के पद को सुशोभित करने वाले श्री गुर्जरवाल ने अपनी सेवा यात्रा को पूर्ण निष्ठा के साथ विश्राम दिया है।
व्यक्तित्व: सरलता और शुचिता का संगम….
न्यायालयीन सेवाओं के दौरान श्री गुर्जरवाल केवल अपने पद के लिए ही नहीं, बल्कि अपने मृदुभाषी व्यवहार और पारदर्शी कार्यप्रणाली के लिए भी जाने गए। सहयोगियों के बीच उनकी पहचान एक ऐसे अधिकारी की रही, जिन्होंने अनुशासन और आत्मीयता के बीच अद्भुत संतुलन बनाए रखा।
भक्ति और अभिनंदन का दृश्य…..
सेवानिवृत्ति के पश्चात नर्मदापुरम स्थित रिवर व्यू कॉलोनी पहुँचने पर कॉलोनी के रहवासियों ने अपनी पलक-पावड़े बिछा दिए:…
* प्रथम वंदन: अपनी नई पारी की शुरुआत उन्होंने कॉलोनी के शिवालय में सपरिवार अभिषेक और पूजन-अर्चन के साथ की।
* विजयी स्वागत: मंदिर से निवास तक का मार्ग ढोल-धमाकों की गूंज और गगनभेदी आतिशबाजी से सराबोर रहा।
* बुजुर्गों का आशीष: कॉलोनी के वरिष्ठ जनों और समिति के सदस्यों ने उन्हें पुष्पहारों से लाद दिया। वातावरण “ईमानदारी की जीत” के जयकारों से गुंजायमान रहा।

