
नर्मदापुरम / पिपरिया का अपराध में नर्मदापुरम् विशेष न्यायाधीश मनोज कुमार के न्यायालय में निर्णय पारित किया गया। जिसमें अभियुक्तगण जगमेल उर्फ जिगनेज उर्फ रिंकू जाट हरदीपसिंह उर्फ गांधी रविदास दर्शनसिंह उर्फ दर्शी जाट को आजीवन कारावास 302 आजीवन जो उनके प्राकृत जीवनकाल के लिये होगा) एवं 3000-5000 रूपये अर्थदंड से दंडित किया गया। प्रकरण में शासन की ओर से पैरवी अपर लोक अभियोजक विशेष न्यायालय (एट्रोसिटीज) सत्येन्द्र सिंह पटेल द्वारा की गई। दिनांक 22.06.2023 से 23.06.23 की दरम्यानी रात्रि फरियादी द्वारा अपने मोबाईल फोन से डॉयल 100 को एक महिला के मृत अवस्था में पड़े होने की सूचना दी गई। जिस पर पुलिस मौके पर पहुंची जहां सूचनाकर्ता ने देहाती नालसी लेख कराई कि उसके द्वारा 30 एकड़ कृषि भूमि कोली पर ली थी, जिसमें मूंग की फसल उगाई है। खेत पर मकान भी बना है, मकान के पीछे तरफ कालू वाले हिस्से में खेत की देखरेख करने माला अभियोक्त्री का पति उसके साथ उसका परिवार रहता था। अभियोक्ती के पति को खेत की देखरेख हेतु रखा है। उसकी पत्नि पूरे मकान की देखरेख करती है और मजदूरी करने जाती थी। खेत की कटाई हेतु पटना से चार पाच दिन पहले हार्वेस्टर बुलाया था। जिसमें तीन लोग दर्शनसिंह, गांधी सिंह और रिंकू उर्फ जिगमेर थे। जो पटियाला पंजाब के रहने वाले थे। जिन्हें खेत में बने मकान के बाजू वाले बालिये में ठ हराया था, वह पांच दिन से वालिये में ही रह रहे थे। दिनांक 22:06:23 को रात्रि बनी 9.00 बजे सूचनाकर्ता अपने दोस्त का खेत बखरने के लिये चला गया और उन तीनों को उनके खाने के साथ अपना खाना भी बनाने की बोल गया था रात्रि करीब 11.30 बजे जब सूचनाकर्ता वापस पहुंचा तो देखा तीनो हार्वेस्टर बाली में से रिंकू यहा सोया हुआ था गांधी नीचे बैठा था, दर्शन यहां नहीं था। रात्रि करीब 1.30 बजे सूचनाकर्ता बाथरूम करने मकान के पीछे तरफ गया हो उसे किसी की आवाज आई तब वह वापस मकान के होल से देखा और
अभियोक्त्री के पास जाकर देखने पर लग रहा था कि किसी ने उसके साथ बलात्कार किया है और बलात्कार करने के बाद उसे जान से मार दिया है। उसके बांगे कान में चोट थी खून निकल रहा था। तब 100 नंबर पर फोन कर पुलिस को सूचना दी। फरियादी की सूचना के आधार पर अपराध दर्ज किया गया। जिसका अभियोग पत्र विशेष न्यायालय नर्मदापुरम् के समक्ष पेश किया गया। जहां प्रकरण का विचारण किया गया, विचारण के दौरान अभियोजन की ओर से 21 साक्षियों वो कथन कराए एवं 59 दस्तावेजों को न्यायालय के समक्ष प्रमाणित कराया गया तथा अरोपीगण का बीएनए परीक्षण भी किया गया। जिसकी रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई। इस आधार पर माननीय विशेष न्यायाधीश मनोज कुमार द्वारा सभी आरोपीगणों को आजीवन कारावास और अर्थदंड से दडित किया गया। उका प्रकरण सनसनी और जघन्य मामला था।
1) 29/8/26
(सरपेन्द्रसिंह पटेल) अति

