नर्मदापुरम / शासकीय गृहविज्ञान स्नातकोत्तर अग्रणी महाविद्यालय नर्मदापुरम में वुधवार दिनांक 25 फरवरी 2026 को कार्यालय विकास आयुक्त हस्तशिल्प सेवा केन्द्र इंदौर द्वारा शिल्प प्रदर्शन सह जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन राष्ट्रीय सेवा योजना एवं स्वामी विवेकानंद केरियर मार्गदर्शन प्रकोष्ठ के संयुक्त तत्वाधान में प्राचार्य डॉ. श्रीमती कामिनी जैन के मार्गदर्शन में किया गया। प्राचार्य डॉ. श्रीमती कामिनी जैन ने अपने उद्बोधन में बताया कि कार्यक्रम का उद्देश्य स्थानीय कारीगरों एवं युवाओं को पारंपरिक हस्तशिल्प कलाओं के प्रति जागरूक करना तथा उन्हें रोजगार के अनेक अवसरों से जोड़ना है। वोकल फार लोकल देश की अर्थ व्यवस्था को मजबूत बनाने का माध्यम है। रतन साहा प्रबंधन मध्यप्रदेश हस्तशिल्प विकास निगम नर्मदापुरम ने कहा कि छात्राओं में शिक्षा के साथ-साथ कौशल विकास का होना भी आवश्यक है।
कार्यालय विकास आयुक्त की सहायक निदेशक अर्पणा देशमुख ने बताया कि हमारा भारत देश विभिन्न प्रकार की हस्तकलाओं से परिपूर्ण है जिसके कारण पूरी दुनिया में भारत का नाम प्रसिद्ध है और इस कार्यक्रम के आयोजन का मुख्य उद्देश्य विशिष्ट शिल्पकारों की खोज कर उन्हें रोजगार से जोड़ना है। भारतीय हस्तशिल्प हमारी संस्कृति और परंपरा की पहचान है। हैंडीक्राफ्ट प्रमोशन ऑफिसर प्रिंस कुमार ने बताया कि शिक्षा के साथ साथ आत्मनिर्भरता हेतु विशेष कौशल का होना अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस प्रकार के कार्यक्रम से अधिक से अधिक छात्राएं लाभान्वित होगी और सरकार द्वारा चलाई गई विभिन्न योजनाओं की जानकारी उन्हें प्राप्त होती रहेगी। इस कार्यक्रम में दो सत्र रखे गए प्रथम सत्र में छात्राओं को श्रीमती ममता जाटव (मास्टर ट्रेनर) द्वारा ब्लॉक प्रिंटिंग का विशेष प्रशिक्षण दिया गया विशेषज्ञों ने न केवल इन कलाओं की बारीकियां सिखाई बल्कि बाजार की मांग के अनुरूप डिजाइन तैयार करने के तरीके भी बताएं। द्वितीय सत्र में मास्टर ट्रेनर (वुड क्राफ्ट) श्री राजू गोहर, श्री सुखदेव कुमेथी, श्रीमती काशी बाई सिलावट ने काष्ठ शिल्प, बांस शिल्प और लकड़ी पर नक्काशी और सजावटी वस्तुएं बनाने की तकनीक सिखाई। इस कार्यक्रम में डॉ. हर्षा चचाने एवं नीलम चौधरी का विशेष योगदान रहा, डॉ विजया देवासकर, डॉ. मनीषा तिवारी, डॉ रफीक अली, डॉ. निशा रिछारिया, श्रीमती आभा वाधवा, कु. पूजा गोस्वामी एवं बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित रही।

