
नर्मदापुरम। रजक समाज नर्मदापुरम की एबीडीएम इकाई द्वारा सोमवार को रजक समाज के आराध्य महान समाज-सुधारक एवं स्वच्छता अभियान के प्रणेता संत शिरोमणी गाड़गे बाबा महाराज की 150 वीं जन्मजयंती बधाई धूमधाम और उल्लास के साथ मनाई गई। संत गाड़गे जयंती के अवसर पर परमहंस घाट स्थित उनकी प्रतिमा पर रजक समाज सदस्यों ने माल्यार्पण कर श्रद्धा सुमन अर्पित किए। संतश्री की महाआरती की गई और नर्मदा घाट पर स्नान करने आए श्रद्धालुओं को महाप्रसादी का वितरण किया गया। महाप्रसादी वितरण का यह कार्यक्रम दिनभर चलता रहा। सर्वप्रथम सुबह सबसे पहले सभी सदस्यों ने प्रतिमा स्थल परिसर की साफ सफाई कर स्वच्छता अभियान चलाया गया। इस जयंती कार्यक्रम में एबीडीएम कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष महेश बाथरे ने कहा कि संत गाडगे बाबा ने अनगिनत विद्यालय, धर्मशालाएं और गौशालाएं स्थापित कर मानवता की सच्ची सेवा की। उनका जीवन त्याग, तपस्या और लोककल्याण का प्रतीक रहा है। रजक समाज नगर अध्यक्ष मनीष परदेशी ने कहा कि भारत के महान संतों में गाडगे बाबा का प्रभाव अत्यंत प्रेरणादायक और युगांतकारी रहा। उन्होंने कभी मंच, माला और सम्मान की अपेक्षा नहीं की थी वे कम बोले लेकिन अपने कर्मों से समाज को जगाया। झाड़ू को अपना अस्त्र बनाकर स्वच्छता, शिक्षा और समाज सेवा का ऐसा संदेश दिया जो आज भी मार्गदर्शक है। इस अवसर पर रजक समाज के वरिष्ठ बाबूलाल चौहान, युवा प्रकोष्ठ अध्यक्ष अमित मालवीय, संभागीय अध्यक्ष चंद्रभान कनौजिया, कमलेश बाथरे, उपाध्यक्ष वीरेंद्र तिलोटिया, रामगोपाल मालवीय, मुन्नालाल रजक, दिनेश मालवीय, परसराम पवार, दुर्गेश सोनिया, राहुल केनेकर, मायाराम मालवीय, मदनलाल मालवीय, लल्लू मालवीय, दीपक कन्नौजिया चंचल बाथरे, शुभम मालवीय सहित अन्य सामाजिक सदस्य उपस्थित रहे।

