
नर्मदापुरम / संत श्री राम जी बाबा मेला को नगर पालिका द्वारा 10 दिन की अनुमति दी गई थी जिसे चार दिन और बनाया गया लेकिन उसके बाद मुख्य द्वार पर एक बड़ा सा गड्ढा खोद दिया जिससे आने-जाने वाला लोगों को काफी दिक्कतें हो रही हैं। एक ओर जहाँ सरकारें पर्यटन और सांस्कृतिक मेलों को बढ़ावा देने के बड़े-बड़े दावे कर रही हैं, वहीं दूसरी ओर स्थानीय नगरपालिका परिषद के एक संवेदनहीन कृत्य ने मानवता को शर्मसार कर दिया है। शहर के प्रसिद्ध वार्षिक मेले के मुख्य मार्ग पर नगरपालिका द्वारा जेसीबी (JCB) चलवाकर गहरे गड्ढे खुदवा दिए गए हैं। प्रशासन के इस ‘तुगलकी फरमान’ ने हजारों श्रद्धालुओं, विशेषकर महिलाओं और मासूम बच्चों को मुसीबत के भंवर में झोंक दिया है।
व्यवस्था के नाम पर अव्यवस्था का तांडव…..
हैरानी की बात यह है कि जिस रास्ते से हजारों की संख्या में लोग मेले की ओर रुख कर रहे हैं, उसी रास्ते को ‘अवरुद्ध’ करने के लिए प्रशासन ने खुदाई का सहारा लिया। पत्थरों और मिट्टी के मलबे के बीच से होकर गुजर रही बुजुर्ग महिलाएं और गोद में बच्चे लिए माताएं गिरकर चोटिल हो रही हैं। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि यह कृत्य न केवल अमानवीय है, बल्कि किसी बड़ी अनहोनी को खुला निमंत्रण दे रहा है।
सुरक्षा मानकों की सरेआम धज्जियां…..
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के गड्ढे भीड़भाड़ वाले इलाकों में ‘डेथ ट्रैप’ (मौत का जाल) साबित हो सकते हैं
* भगदड़ का खतरा यदि भीड़ में मामूली सी भी अफरातफरी मचती है, तो ये गड्ढे लोगों के दबने और कुचलने का कारण बनेंगे।
* आपातकालीन सेवाएं बाधित यदि मेले परिसर में आगजनी या मेडिकल इमरजेंसी जैसी स्थिति बनती है, तो एम्बुलेंस या दमकल की गाड़ियों का पहुंचना नामुमकिन हो गया है।
जनता में भारी आक्रोश……
क्षेत्रीय जनता ने इसे प्रशासन की ‘गुंडागर्दी’ करार दिया है। स्थानीय प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यदि नगरपालिका को कोई निर्माण कार्य करना भी था, तो उसे मेले के समापन तक रोका जा सकता था या वैकल्पिक मार्ग की सुचारू व्यवस्था की जानी चाहिए थी। बिना किसी पूर्व सूचना के रास्ते को ‘खंदक’ में तब्दील करना सीधे तौर पर आम आदमी के अधिकारों का हनन है।
* अमानवीय कृत्य महिलाओं और बच्चों को उबड़-खाबड़ रास्तों पर रेंगने को मजबूर किया गया।
* प्रशासनिक चुप्पी मामले के तूल पकड़ने के बावजूद किसी वरिष्ठ अधिकारी ने अब तक सफाई नहीं दी है।
* खतरे की घंटी अंधेरा होने के बाद इन गड्ढों में गिरकर बड़ी दुर्घटना की प्रबल संभावना है।

