
पिपरिया / संसार की समस्त मोह माया को त्याग कर भगवान के संकीर्तन में मानव तन को लगाना चाहिए जिससे मोक्ष की प्राप्ति होती है अभी हमें जो मानव तन प्राप्त हुआ है वह चौरासी लाख योनियां भोगने के बाद मानव तन मिला है। यजमल ने शूतक जी महाराज से स्वर्ग लोक धाम को जाने के उपाय के बारे में पूछा तो शूतक जी महाराज ने यजमल से कहा कि श्री नारायण के चरणों में ध्याgन लगाए, जिससे स्वर्ग के रास्ते प्राप्त होंगे। पंडित शास्त्री ने कथा में आए श्रद्धालुओं को भगवान के स्वरूप के वृतांत से मंगल भवन अमंगल हारी स्वरूप के संगीत में भजन से कथा का रसपान कराया। ज्ञात हो कि नगर के समीप स्थित गांधी वार्ड पाली रोड स्थित अर्धनारीश्वर महादेव मंदिर में संगीतमय शिव महापुराण कथा एवं ज्ञान यज्ञ का आयोजन नायक परिवार द्वारा 12 फरवरी से 18 फरवरी कराया जा रहा है। जिसमें व्यास पीठ से प्रसिद्ध वक्ता पंडित गोपाल कृष्ण तिवारी जी ज्ञान यज्ञ की गंगा बहा रहे हैं । कथा के द्वितीय दिवस पंडित तिवारी ने भगवान श्री कृष्ण के द्वारा द्रोपती के चीर हरण तथा हिरण्य कश्यप के द्वारा भक्त प्रह्लाद को होलिका की गोद में बिठाकर पराजित करने की कथा के संस्मरण से कथा श्रवण करने आए धर्म प्रेमियों को अपने मुखारविंद से रसपान कराया पंडित तिवारी ने कथा में बताया कि श्री चरणों के ध्यान में मंत्र मुग्ध रहने से द्रोपती की लाज बची और दुशासन चीर हरण करते-करते थक गया और पराजित हो गया। वही भक्त प्रह्लाद को मारने होलिका का दहन हो गया, के वृतांत से कथा श्रवण करने आए श्रद्धालु भक्त जनों एवं धर्म स्वालंबियों को कथा का रसपान कराया। उन्होंने कथा श्रवण करने आए श्रद्धालु भक्त जनों को कथा का रसपान कराते हुए बताया कि भगवान का स्वरूप मंगल भवन अमंगल हारी है। उन्होंने कथा श्रवण करने आए श्रद्धालु भक्त जनों को कथा श्रवण पान कराते हुए कहा कि भगवान शंकर कहते हैं कि मान मेरा कहना नहीं तो पछतायेगा माटी का खिलौना माटी में मिल जाएगा, अगर मोक्ष को पाना है तो ईश्वर में ध्यान लगाना होगा ।

