नर्मदापुरम / शासकीय गृहविज्ञान स्नातकोत्तर अग्रणी महाविद्यालय में 21 जनवरी 26 को भारतीय ज्ञान परंपरा की वार्षिक कार्यक्रम की कड़ी में विभिन्न कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. श्रीमती कामिनी जैन, डॉ. भारती दुबे, कार्यक्रम प्रभारी आर के चौकीकर ने मंच पर अपनी गरिमामई उपस्थिति प्रदान की। मां सरस्वती की पूजन, दीप प्रज्ज्वलन एवं स्वागत उपरान्त कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. श्रीमती कामिनी जैन ने अपने उद्बोधन में कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा पर आधारित कार्यक्रम का उद्देश्य युवा पीढ़ी को पुनः अपनी संस्कृति और परंपरा से जोड़ना है। यह परंपरागत गायन हमारी परंपरा, दैनिक जीवन का प्रतिनिधित्व करने के साथ साथ मौखिक रूप से ज्ञान का संचार करता है। यह हमारी प्राचीन कला एवं लोक जीवन प्रदर्शित करने वाले हैं। लोकगीत एवं लोक नृत्य सांस्कृतिक पहचान और विरासत का संरक्षण करते हैं। इन कार्यक्रमों के माध्यम से स्थानीय भाषा और बोलियां का प्रयोग सांस्कृतिक विविधता को दर्शाता है। गायन एवं नृत्य प्रतियोगिता में विजेता छात्राओं को प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। निर्णायक के रूप में डॉ. भारती दुबे, डॉ. हर्षा चचाने, डॉ. निशा रिछारिया ने अपनी गरिमामय में उपस्थिति प्रदान की। कार्यक्रम का सफल संचालन आर के चौकीकर ने एवं आभार डॉ. सी एस राज ने किया। संगीत विभाग के विभागाध्यक्ष प्रेमकांत कटंगकार ने सक्रिय सहयोग प्रदान किया। इस कार्यक्रम में डॉ. आर बी शाह, डॉ. वैशाली लाल, डॉ. दुर्गेश तेली, डॉ. धर्मेंद्र सिंह, डॉ. हेमंत चौधरी, डॉ. रफीक अली, डॉ. कीर्ति दीक्षित, डॉ. रीना मालवीय, डॉ प्रगति जोशी, श्रीमती प्रीति मालवीय, डॉ. मनीषा तिवारी, श्रीमती प्रीति ठाकुर, डॉ. श्रद्धा गुप्ता, श्रीमती अंकिता तिवारी, कुमारी श्वेता वर्मा कुमारी रैनी राजपूत, अजय तिवारी, डॉ. वंदना, दीपिका राजपूत, देवेंद्र सैनी, शुभम भद्रे महाविद्यालय स्टाफ एवं छात्राएं उपस्थित रहे।

