

नर्मदा पुरम / 25 जनवरी को प्रदेश के मुखिया डॉ. मोहन यादव नर्मदा जन्मोत्सव कार्यक्रम में आ रहे हैं, अब जनता की उम्मीद उनसे बढ़ गई है कि मां नर्मदा में नाले का गन्दा पानी को मिलने से रोका जाए, क्योंकि पूर्व वर्षों में घोषणा वीर कहलाने वाले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कई बार घोषणा है कि लेकिन उस पर आज तक अमल नहीं हुआ है और आज भी गंदे नाले का पानी नर्मदा नदी में मिल रहा है, गंदे नाले का नर्मदा नदी में मिलने से वह नर्मदा जल आचमन के लायक भी नहीं रह गया है । मां नर्मदा नदी हमारी जीवन दायिनी है और नर्मदापुरम की पहचान नर्मदा और उसके घाटों से है। लेकिन पिछले दो दशक से ज्यादा से मां नर्मदा में मिलने वाला कोरी घाट के पास का नाला अब तक बंद नहीं हुआ । हाल ही में नर्मदा जयंती की तैयारी चल रही है और नाले को हरी नेट लगाकर छुपाया गया । मां नर्मदा में नाले का पानी न मिले इसको लेकर कांग्रेस ने हस्ताक्षर अभियान चलाया। बाजार में व्यापारी, समाजसेवी , मातृशक्ति, वरिष्ठ नागरिकों सहित आमजन ने हस्ताक्षर किए और मां नर्मदा में गंदा पानी न मिले इसका पुरजोर विरोध किया। हस्ताक्षर से नर्मदा जयंती पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को अवगत कराया जाएगा और ज्ञापन सौंपा जाएगा। नाले को बंद कराने की सिर्फ घोषणाएं हुईं और कागजात तक सीमित रही लेकिन इस पर अमल नहीं हुआ।
हर साल सिर्फ आश्वासन और फिर मामला ठंडा बस्ते में*
*कांग्रेस ने क्षेत्रवासियों के समक्ष पहुंचकर हस्ताक्षर अभियान चलाया*
कांग्रेस का कहना है पिछले दो दशकों से नर्मदा जयंती के दिन प्रदेश सरकार के मुखिया नाले को बंद करने की घोषणा करते हैं। लेकिन इस पर अमल कभी नहीं किया गया । यह नर्मदापुरम वासियों की आस्था के साथ गहरा आघात है। कांग्रेस जनों का कहना है शहर के नागरिकों का समर्थन और इस हस्ताक्षर अभियान को आगे भी जारी रखा जाएगा । नर्मदा जयंती के दिन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के समक्ष आस्था से जुड़े इस गंभीर मुद्दे को रखा जाएगा।
*बरसों से कागजों पर ही हो रहा नर्मदा शुद्धिकरण*
शहर के गंदे नालों को रोकने में नाकाम रहा प्रशासन अब अपनी नाकामी को हरी नेट के पीछे छिपा रहा है। यह जाल केवल गंदगी को नहीं, बल्कि जिम्मेदारों की उस जवाबदेही को छिपाने के लिए है, जो वर्षों से कागजों पर नर्मदा शुद्धिकरण’ का ढोंग कर रहे हैं। शहर का मुख्य नाला उफनते हुए सीधे मां नर्मदा में मिल रहा है। इसे ट्रीट करने या मोड़ने के बजाय, नगर पालिका ने वहां एक विशाल ग्रीन नेट लगा दी है। क्या जाली लगा देने से पानी का जहर खत्म हो जाएगा या यह श्रद्धालुओं की आंखों में धूल झोंककर अपनी कुर्सी बचाने का एक घटिया प्रयास है।
घाटों की स्थिति बिगड़ी हर जगह नर्मदा में मिल रहा पानी
वीआईपी इलाकों की गंदगी मिल रही है। कलेक्ट्रेट, पोस्ट ऑफिस और सर्किट हाउस जैसे महत्वपूर्ण सरकारी कार्यालयों और वीआईपी क्षेत्रों का सीवेज सीधे नदी में विसर्जित हो रहा है। होटल और घाट किनारे मोहल्लों का पानी भी सीधे नर्मदा में मिल रहा है। हस्ताक्षर युक्त ज्ञापन मुख्यमंत्री को सौंपा जाएगा। स्थानीय बस स्टैंड से शुरु हुए इस अभियान में कांग्रेस जनों ने शहर के प्रमुख बाजारों सहित अन्य क्षेत्रों में पहुंचकर अभियान चलाया। हस्ताक्षर अभियान में प्रमुख रूप से पूर्व विधायक गिरजा शंकर शर्मा , नगर अध्यक्ष कमलेश बाथरे , नेता प्रतिपक्ष अनोखी राजोरिया , पूर्व नगर अध्यक्ष धर्मेंद्र तिवारी, अजय सैनी , फैजान उल हक , राजू मिश्रा , युवक कांग्रेस नगर अध्यक्ष गुलाम मुस्तफा , अमित खत्री , कुलदीप राठौर , गुलाम हैदर , महेश पाण्डे, सूरज तिवारी , शैलेश शुक्ला , रिजवान खान,संतोष तोमर, राकेश शर्मा , कपिल यादव , आयुष्मान अवस्थी, विशाल प्रधान, धीरज बहुत्रा, मोहन वैद, गोविंद चौहान, विक्की आर्या , कैलाश बाबू, सलीम खान, आदि उपस्थित रहे

