
नर्मदा पुरम / चित्रगुप्त मंदिर परिसर में आज कायस्थ समाज की महिलाओं द्वारा पारंपरिक ‘हल्दी-कुमकुम’ समारोह का भव्य आयोजन किया गया। इस उत्सव में समाज की महिलाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और एक-दूसरे को हल्दी-कुमकुम लगाकर सुख-समृद्धि की कामना की।
-भक्ति और परंपरा का संगम*
कार्यक्रम की शुरुआत भगवान श्री चित्रगुप्त जी की सामूहिक आरती और वंदना से हुई। इसके पश्चात, उपस्थित महिलाओं ने पारंपरिक गीतों के बीच एक-दूसरे का तिलक कर सुहाग सामग्री भेंट की। आयोजन का मुख्य उद्देश्य समाज की महिलाओं के बीच आपसी प्रेम, एकता और सांस्कृतिक विरासत को सहेजना रहा।
*इन महिलाओं की रही मुख्य भूमिका*
इस सफल आयोजन की बागडोर ज्योति वर्मा और प्रीति खरे के नेतृत्व में पूरी टीम ने संभाली। कार्यक्रम के प्रबंधन और संचालन में निम्नलिखित महिलाओं का विशेष सहयोग रहा:…
* मंजू श्रीवास्तव एवं जानकी ने अतिथियों का स्वागत किया।
* रितु श्रीवास्तव, रश्मि सक्सेना और प्रिया श्रीवास्तव ने सांस्कृतिक गतिविधियों का मोर्चा संभाला।
* ममता तिवारी, नेहा थापक, भारती और अनीता वर्मा के विशेष सहयोग से कार्यक्रम सुचारू रूप से संपन्न हुआ।
*स्नेह मिलन और स्वल्पाहार*
हल्दी-कुमकुम की रस्म के बाद सभी महिलाओं के लिए स्वरुचि भोज (नाश्ते) का प्रबंध किया गया था। चर्चा के दौरान महिलाओं ने समाज के उत्थान और आने वाले त्योहारों की तैयारियों पर भी विचार-विमर्श किया। अंत में आयोजकों द्वारा सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त किया गया। “इस तरह के आयोजनों से न केवल हमारी परंपराएं जीवित रहती हैं, बल्कि समाज की महिलाओं को एक मंच पर आकर अपने विचार साझा करने का अवसर भी मिलता है।

