

इटारसी / तवानगर / भागवत कथा के चौथे दिन कथावाचक पंडित सौरभ दुबे ने बताया मुख्य रूप से भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव और वामन अवतार की कथा का वर्णन किया। जिसमें नंद बाबा के घर श्रीकृष्ण के जन्म और उससे जुड़ी खुशियों जैसे ‘नंद के आनंद भयो’ के नारों और उत्सव का विस्तृत वर्णन किया। साथ ही यह भी बताया है कि सभी सांसारिक वस्तुएं भगवान की हैं और उन्हें भगवान को समर्पित करके ही मुक्ति पाई जा सकती है, जैसा कि राजा बलि ने किया था।
चौथे दिन की प्रमुख बातें:….
श्रीकृष्ण जन्म: कथा का मुख्य आकर्षण भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव होता है, जिसमें पूरा पंडाल नंदोत्सव के रंग में रंग जाता है और ‘हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैयालाल’ जैसे जयकारे लगे।
वामन अवतार:….
इस दिन वामन भगवान के प्रसंग का वर्णन किया जाता है, जिसमें भगवान विष्णु ने राजा बलि से तीन पग भूमि मांगी थी और किस तरह बलि ने सब कुछ समर्पित कर दिया, यह सिखाया जाता है। कथा के मुख्य यजमान भूपेंद्र कुमार साहू, मंदिर समिति के अध्यक्ष भूपेश साहू, संरक्षक मुन्ना शर्मा, ग्राम सेवक रघुवंशी, मोहन सिंह ठाकुर, गुलजारी लाल विश्वकर्मा, ननकू, सुरेश तिवारी, उमेश शर्मा सहित बड़ी संख्या में धर्म प्रेमी पुरुष एवं महिलाओं की बड़ी उपस्थिति से पूरा पंडाल भक्ति मय हो गया।

