नर्मदापुरम / शासकीय गृहविज्ञान स्नातकोत्तर अग्रणी महाविद्यालय में दिनांक 17 जनवरी 2026 को राष्ट्रीय गणित दिवस पर आधारित विभिन्न कार्यक्रम एवं संगोष्ठी का आयोजन किया गया। मध्य प्रदेश शासन के आदेश अनुसार महाविद्यालय में मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद के तत्वाधान में कार्यक्रमों की एक श्रृंखला आयोजित की गई। इन कार्यक्रमों चित्रकला, प्रश्नोत्तरी, वाद विवाद, डॉक्यूमेंट्री फिल्म का प्रस्तुतीकरण किया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. श्रीमती कामिनी जैन, विशिष्ट अतिथि शासकीय मोतीलाल महाविद्यालय भोपाल से डॉ. अनिल राजपूत, एमजीएम इटारसी महाविद्यालय से डॉ. रश्मि तिवारी, शासकीय कुसुम महाविद्यालय सिवनी मालवा से डॉ. अशोक कुमार यादव, गणित विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. विनीत कुमार अग्रवाल ने मंच पर अपनी गरिमामयी उपस्थिति प्रदान की। मां सरस्वती की पूजन दीप प्रज्ज्वलन एवं अतिथियों के स्वागत उपरांत कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया । इस अवसर पर संगीत विभाग की छात्राओं ने सरस्वती वंदना एवं स्वागत गीत की प्रस्तुति दी। संगीत विभाग के विभागाध्यक्ष प्रेमकांत कटंकार ने हारमोनियम पर संगत देकर छात्राओं का मार्गदर्शन किया। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. श्रीमती कामिनी जैन ने अपने स्वागत उद्बोधन में कहा कि आज की संगोष्ठी में गणित की जटिलताओं की सहज जानकारी छात्राओं से साझा की जाएगी। जिससे गणित विषय अधिक रुचिकर प्रतीत होगा। गणित तार्किक सोच, समस्या समाधान और विश्लेषणात्मक क्षमता विकसित करता है। गणित का उपयोग बजट बनाने और समय प्रबंधन जैसे दैनिक कार्यों से लेकर विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और वित्त जैसे जटिल क्षेत्रों में किया जाता है। यह हमारे जीवन में का महत्वपूर्ण हिस्सा है और हमें बेहतर निर्णय लेने की क्षमता प्रदान करता है। वर्तमान समय में तकनीकी ने गणित को आसान बना दिया है। तकनीकी का भरपूर उपयोग करें परंतु तकनीक पर आधारित ना हो व जिज्ञासु बने रहें। विषय प्रवर्तन करते हुए डॉ. विनीत कुमार अग्रवाल ने अपने उद्बोधन में कहा कि आज का कार्यक्रम गणित दिवस पर आधारित कार्यक्रम है। रामानुजन अद्वितीय प्रतिभा के धनी थे एवं जिज्ञासु प्रवृत्ति के विद्यार्थी थे। विद्यार्थियों में जिज्ञासा का होना अति आवश्यक है । डॉ. अग्रवाल ने रामानुजन के जीवन वृत पर प्रकाश डाला एवं गणित दिवस पर आधारित प्रतियोगिताओं की जानकारी साझा की। विशिष्ट वक्ता डॉ. अनिल राजपूत ने अपने उद्बोधन में कहा कि वर्तमान में तकनीकी और गणित का संयोजन अत्यंत लाभकारी है। रामानुजन का जीवन अत्यंत प्रेरणास्पद है। ख्याति प्राप्त करने के लिए कर्मशीलता अति आवश्यक है। 32 वर्ष की अल्पायु में ही गणित की दुनिया पर रामानुजन ने अमिट छाप छोड़ी है। श्री रामानुजन ने संख्या सिद्धांत, अनंत श्रृंखला, रामानुजन संख्या, मॉक ठीता फलक, गामा फलक के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। विषय विशेषज्ञ डॉ. रश्मि तिवारी ने अपने उद्बोधन में कहा कि गणित प्रकृति के द्वारा दी गई पहेलियां को सुलझाने का प्रयास है । आधुनिक गणित की परंपरा प्राचीन भारतीय ज्ञान परंपरा से प्रारंभ होती है।वर्तमान गणित प्रणाली रामानुजन के सूत्रों पर आधारित है। रामानुजन के अंतर ज्ञान से गणित जन्मा था । गणित को पाठ्यक्रम की बाध्यता नहीं जीवन की आवश्यकता माने, गणित को डर से नहीं समझ से करना होगा।
विषय विशेषज्ञ डॉ. अशोक यादव ने छात्राओं का मार्गदर्शन करते हुए कहा कि शून्य की अवधारणा, पाई का मान, स्थान मानप्रणाली, ऋणात्मक संख्या, संख्या सिद्धांत, अनंत श्रृंखला यह सभी गणित के महत्वपूर्ण आधार स्तंभ है। स्थान की महत्ता को गणित निर्धारित करता है। विभिन्न गणित के सूत्रों की जानकारी छात्राओं से साझा की प्राचीन एवं वर्तमान गणितज्ञों से संबंधित जानकारी पीपीटी के माध्यम से छात्रों को दिखाकर उनका मार्गदर्शन किया।कुमारी रोशनी सराठे, हिमांशी दुबे ने डॉक्यूमेंट्री फिल्म के माध्यम से अपनी बात रखी। प्रियांशी राजपूत एवं अदिति गौर में पीटी के माध्यम से अपने विचार व्यक्त किए। लाली यादव, माही चोरे,जानकी मेहरा, रक्षा चौहान , समीक्षा पटेल ने गणित विषय पर अपनी वैचारिक अभिव्यक्ति की। पोस्ट निर्माण में प्रथम स्थान पर स्नेहा शर्मा द्वितीय स्थान पर सुधा यादव एवं तृतीय स्थान पर मेघा मीणा रही। वादविवाद में सुजीता चौहान एवं खुशी पटैल ने बाजी मारी। प्रियांशी राजपूत, अदिति गौर, हिमांशी यादव, लाली यादव, समीक्षा पटैल, रितिका निमोदा, अंबिका गिरि गोस्वामी ने डाक्यूमेंट्री फिल्म एवं पीपीटी के माध्यम से प्रस्तुति दी। कार्यक्रम का सफल संचालन श्रीमती आभा बाधवा एवं आभार शुभम भद्रे ने किया। श्रीमती दीपिका राजपूत ने सक्रिय सहयोग प्रदान किया। विजेता छात्राओं को प्रमाण पत्र एवं शील्ड प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस कार्यक्रम में डॉ. रश्मि श्रीवास्तव, डॉ. संगीता अहिरवार, सुश्री काजल बाथरे, डॉ. मनीषा बाघमारे, डॉ. मनीषा तिवारी, डॉ. विजया देवासकर, डॉ. निशा रिछारिया, डॉ. कीर्ति दीक्षित, डॉ. देवहूति खंडाइत, शैलेंद्र तिवारी, श्रीमती प्रीति ठाकुर, देवेंद्र सैनी, डॉ. श्रद्धा गुप्ता, धीरज खातरकर श्रीमती प्रीति मालवीय, श्रीमती नीलम चौधरी महाविद्यालय स्टाफ एवं छात्राए उपस्थित रही।

