
सिवनी मालवा / शहर में 10 जनवरी से 16 जनवरी श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन गाँव चौकी गवंह मे महिला मंडल द्वारा आयोजित किया गया। कथा व्यास मुक्तामणि तिवारी ने अध्यात्मिक उद्बोधन में कहा कि दीन- दुखियों की, जरूरतमंदों तथा गरीबों की सेवा करना यानी ईश्वर की सेवा करना है। ऐसा अध्यात्मिक उद्बोधन भागवत कथाचार्य मुक्तामणि तिवारी ने किया। आयोजन भक्तिभाव के साथ हुआ। इस सप्ताह के दौरान विभिन्न धार्मिक ग्रंथालयों में वर्णित प्रेरक प्रसंगों की प्रस्तुति, भगवान श्रीकृष्ण की लीला, प्रभु श्रीराम-जानकी विवाह, भगवान कृष्ण का जन्म, कंस वध के संदर्भ की झांकियां इन सभी की मनोरम प्रस्तुति की गयी थी, जिसे देखकर भक्तों में श्रध्दाभाव तथा भक्तिभाव बढ़ गया। कथा व्यास मुक्तामणि तिवारी ने कहा कि भगवान का सिर्फ भजन करना यानी भक्ति नहीं बल्कि गरीबों की सेवा करना यह भी ईश्वर की भक्ति ही है। श्रीमद् भागवत सप्ताह के समापन पर आयोजित महाप्रसाद का हजारों भक्तों ने लाभ लिया।

